पंजाब के पनीर प्रेमियों के लिए बड़ी चिंता की खबर सामने आई है। लुधियाना और मोगा के बाजारों में दूध से पनीर बनाने के लिए नींबू या सिरके की जगह जानलेवा केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस केमिकल की मदद से पनीर सिर्फ 5 मिनट में बन जाता है और इसकी मात्रा 15 से 20 प्रतिशत ज्यादा हो जाती है। दुकानदार इसे 'पनीर तोड़ने वाला पानी' या सिरके के नाम से बेच रहे हैं। बाजार में यह खुलेआम बिक रहा है, जिससे सामान्य ग्राहक इसका असली खतरा नहीं समझ पा रहे हैं।
फूड और हेल्थ एक्सपर्ट्स ने आगाह किया है कि इस तरह के पनीर का सेवन गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है। इसके लगातार सेवन से पेट और आंतों में अल्सर हो सकते हैं। लिवर में सूजन (हेपेटाइटिस), किडनी फेलियर और हड्डियों की कमजोरी भी इसके संभावित दुष्परिणाम हैं। बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स रेगुलेशन 2011 के तहत, पनीर बनाने के लिए सिर्फ सिट्रिक एसिड, लैक्टिक एसिड और सिरका का उपयोग ही मान्य है। लेकिन पंजाब हॉर्टिकल्चर पोस्ट हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी सेंटर की जांच में पाया गया कि बाजार में बिक रहे केमिकल में यह कोई भी पदार्थ मौजूद नहीं है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स ने जनता से अपील की है कि वे हमेशा सर्टिफाइड डेयरी से ही पनीर खरीदें और किसी भी संदिग्ध पनीर या दूध का सेवन न करें। समय रहते चेतावनी को गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है।
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