बुधवार को शेयर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली, जिससे लगभग सभी बड़ी और छोटी कंपनियों के शेयरों में उछाल आया। इस तेजी में खास ध्यान इंडिगो एयरलाइन की पैरेंट कंपनी, InterGlobe Aviation के शेयरों पर रहा। बुधवार 8 अप्रैल की सुबह के कारोबार में इसके शेयर 11% तक बढ़ गए।
इस तेजी का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों के लिए घोषित सीजफायर को माना जा रहा है। इस घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई, जिससे एयरलाइन कंपनियों को राहत मिली।
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के ऐलान के बाद कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से नीचे आ गई हैं। तेल की कीमतों में यह गिरावट कई इंडस्ट्रीज के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। एयरलाइन कंपनियों के लिए ईंधन सबसे बड़ा खर्च होता है, जो उनके कुल खर्च का लगभग 40-50% होता है। इसलिए ईंधन की कीमतें कम होने से कंपनियों का मुनाफा बढ़ सकता है।
InterGlobe Aviation के शेयर, जो फरवरी के अंत में अमेरिका-ईरान तनाव के कारण लगभग 11.5% तक गिर गए थे, अब तेजी के कारण Nifty 50 में सबसे ज्यादा बढ़ने वाले शेयरों में शामिल हो गए हैं। आज NSE पर कंपनी का शेयर 11.13% बढ़कर 4,744 रुपये तक पहुंच गया।
हालांकि, IATA के डायरेक्टर जनरल विली वॉल्श ने कहा है कि भले ही ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोल दे, मिडिल ईस्ट में रिफाइनिंग की समस्याओं के कारण जेट फ्यूल की सप्लाई पूरी तरह से सामान्य होने में कुछ महीने लग सकते हैं। पहले इस वजह से एयरलाइन कंपनियों ने ATF (एविएशन टरबाइन फ्यूल) के बढ़ते खर्च को कवर करने के लिए फ्यूल सरचार्ज लगाया था।
इस सीजफायर से इंटरनेशनल उड़ानों पर भी सकारात्मक असर दिखने की संभावना है। पहले कई फ्लाइट्स एयरस्पेस बंद होने की वजह से प्रभावित हुई थीं। अगर उड़ानों पर असर कम पड़ेगा, तो कंपनी का मुनाफा बढ़ सकता है।
कुल मिलाकर, शेयर बाजार में IndiGo के शेयरों की तेजी का कारण सिर्फ तेल की कीमत में गिरावट ही नहीं है, बल्कि निवेशकों के बीच कंपनी के भविष्य को लेकर सकारात्मक माहौल भी है। तेल सस्ता होने और उड़ानों की सामान्य स्थिति के मिलने से कंपनी के मुनाफे में सुधार की उम्मीद है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
इस तरह, बाजार की यह तेजी इंडिगो जैसी एयरलाइन कंपनियों के लिए राहत और अवसर दोनों लेकर आई है।
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