Amitabh Bachchan को आज फिल्म इंडस्ट्री में एक ऐसी पहचान हासिल है, जिसे हर कोई सम्मान की नजर से देखता है। उन्हें “महानायक” और “शहंशाह” जैसे नाम यूं ही नहीं मिले। लेकिन सफलता की इस ऊंचाई तक पहुंचने से पहले उन्होंने कई मुश्किल दौर भी देखे। एक समय ऐसा भी आया था जब उनका करियर पूरी तरह से ठहरता हुआ नजर आ रहा था और वे फिल्मों से दूरी बनाने का सोच चुके थे।
अपने करियर की शुरुआत में अमिताभ बच्चन ने कई फिल्मों में काम किया, लेकिन किस्मत उनका साथ नहीं दे रही थी। एक के बाद एक कई फिल्में उम्मीद के मुताबिक नहीं चलीं। लगातार असफलताओं ने उनके आत्मविश्वास को भी प्रभावित किया। हालात ऐसे हो गए थे कि फिल्म इंडस्ट्री में उनका भविष्य अनिश्चित नजर आने लगा था।
इसी मुश्किल दौर में उन्हें फिल्म Zanjeer का मौका मिला, जिसे निर्देशक प्रकाश मेहरा बना रहे थे और जिसकी कहानी मशहूर जोड़ी सलीम-जावेद ने लिखी थी। यह फिल्म पहले कई बड़े सितारों को ऑफर की गई थी, लेकिन उन्होंने इसे करने से मना कर दिया। आखिरकार यह मौका अमिताभ बच्चन को मिला, जिसने उनके करियर की दिशा ही बदल दी।
इस फिल्म के दौरान एक और बड़ी चुनौती सामने आई—हीरोइन का चयन। उस समय कई अभिनेत्रियां छोटे रोल करने से बचती थीं। ऐसे में Jaya Bachchan ने आगे आकर इस फिल्म में काम करने के लिए हामी भरी। उनका यह फैसला न सिर्फ फिल्म के लिए, बल्कि अमिताभ के करियर के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ।
लगातार असफलताओं के बाद जहां अमिताभ बच्चन इंडस्ट्री छोड़ने का मन बना चुके थे, वहीं ‘जंजीर’ की सफलता ने सब कुछ बदल दिया। इस फिल्म ने उन्हें नई पहचान दी और वे धीरे-धीरे बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो गए। यह कहानी इस बात का उदाहरण है कि मुश्किल वक्त के बाद भी मेहनत और सही मौके से जिंदगी बदल सकती है।
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