Punjab News: मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने गांवों की तस्वीर बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. राज्य में अब ग्रामीण क्षेत्रों को पक्की और टिकाऊ सड़कों से जोड़ने का एक वृहद अभियान शुरू हो चुका है. इस मिशन के तहत कुल 18,900 किलोमीटर लंबी ग्रामीण संपर्क सड़कों को अपग्रेड किया जाएगा, जिसकी शुरुआत 828 किलोमीटर सड़कों के टेंडर जारी होने से हो गई है.
ग्रामीण विकास मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पहले चरण में जिन इलाकों की सड़कों का चयन किया गया है, उनमें भदौड़, महल कलां, फरीदकोट, कोटकपूरा, जैतो, बलाचौर, बंगा, नवांशहर, भोआ, पठानकोट और सुजानपुर जैसे विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं. इन क्षेत्रों के लोग जल्द ही बेहतर सड़क नेटवर्क का अनुभव कर पाएंगे.
सरकार ने निर्माण प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा बदलाव किया है. अब सड़क का ठेका लेने वाले ठेकेदार को अगले 5 वर्षों तक उसी सड़क की मरम्मत और रखरखाव की भी जिम्मेदारी दी जाएगी. यदि सड़क में किसी प्रकार की खराबी आती है, तो वही ठेकेदार उसे दुरुस्त करने के लिए बाध्य होगा.
गुणवत्ता की जांच के लिए जियो टैगिंग और फोटो आधारित एप्लिकेशन का उपयोग किया जाएगा. सड़क निर्माण की प्रगति आम नागरिक भी एक पब्लिक पोर्टल के माध्यम से देख सकेंगे. इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि लोगों का सरकार पर भरोसा भी मजबूत होगा.
यदि कोई ठेकेदार निर्माण में लापरवाही बरतता है या घटिया सड़क बनाता है, तो उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा और भविष्य में किसी भी सरकारी प्रोजेक्ट में भाग नहीं लेने दिया जाएगा. सरकार पंचायतों को यह अधिकार भी दे रही है कि वे सड़क की स्थिति से जुड़ी शिकायतें सीधे सरकार तक पहुंचा सकें। निर्माण कार्य स्थानीय निगरानी में किया जाएगा ताकि गांव के लोग खुद तय कर सकें कि उन्हें कैसी सड़क चाहिए.
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