पंजाब के मोगा जिले में कानून-व्यवस्था को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. जीरा रोड स्थित एक सेलर पर काम करने वाले प्रवासी मजदूरों पर दिनदहाड़े अज्ञात हमलावरों ने गोलियां चला दीं. इस अचानक हुए हमले से पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया. गोलीबारी में दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 11 बजे 7 से 8 प्रवासी मजदूर सेलर में काम खत्म करने के बाद अपने किराये के कमरे की ओर जा रहे थे. जैसे ही वे सेलर से कुछ दूरी पर पहुंचे, बाइक पर सवार तीन अज्ञात युवकों ने अचानक उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. गोलियों की आवाज सुनते ही मजदूर जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे.
इस फायरिंग में अशोक कुमार और सुबोध माझी को गोलियां लगी हैं. दोनों मजदूर पल्लेदारी का काम करते हैं और अपने अन्य साथियों के साथ जा रहे थे. घायलों को तत्काल मोगा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. अन्य मजदूर किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके. पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा.
इस सनसनीखेज वारदात के बाद मामला और गंभीर हो गया, जब सोशल मीडिया पर लाडी भलवान और निरवेर सिंह नाम के दो लोगों ने फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का दावा किया. सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में गोलियां चलाते हुए दिखाया गया है. पोस्ट में प्रवासी मजदूरों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है, जिससे मामले को साम्प्रदायिक और संवेदनशील रंग देने की कोशिश नजर आ रही है.
इस घटना ने एक बार फिर पंजाब में प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस अब सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. फिलहाल इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है.
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