कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल अमृतसर में एक कार्यक्रम में शामिल हुए। मीडिया ने जब उनसे पूछा कि कुंवर विजय प्रताप सिंह को आम आदमी पार्टी से 5 साल के लिए क्यों निकाला गया, तो उन्होंने कहा कि पार्टी में रहकर उसके नियमों और सिद्धांतों का पालन करना जरूरी होता है। अगर कोई ऐसा नहीं करता तो कार्रवाई होना स्वाभाविक है।
धालीवाल ने कहा कि हर किसी को अपनी बात रखने का हक है, लेकिन अगर आप किसी पार्टी के सदस्य हैं तो आपको पार्टी की लाइन को मानना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि यह निर्णय पार्टी के शीर्ष नेताओं जैसे अरविंद केजरीवाल, भगवंत मान और अमन अरोड़ा आदि ने मिलकर लिया है।
धालीवाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मजीठिया जैसे नेता पंजाब में नशे के फैलाव के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि 2007 से 2017 तक जब अकाली-भाजपा की सरकार थी और मजीठिया मंत्री थे, उस समय लाखों नौजवान नशे की लत के शिकार हो गए और हजारों की मौत हो गई। इसके डर से लोग अपने बच्चों को विदेश भेजने लगे।
उन्होंने कहा कि पंजाब की ज़मीनें और संपत्तियाँ बेचकर लोगों ने कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में बच्चों को भेजा ताकि वे नशे से बच सकें। यही कारण है कि पंजाब में जनसंख्या कम हो गई और शिक्षा संस्थान खाली हो गए।
धालीवाल ने कहा कि मजीठिया पर 540 करोड़ रुपये के ड्रग्स केस में जांच चल रही है। कई अधिकारी जैसे ईडी प्रमुख निरंजन सिंह और पूर्व डीजीपी चट्टोपाध्याय ने मजीठिया को दोषी बताया है। कोर्ट ने भी सबूतों के आधार पर उसे 7 दिन का रिमांड दिया था।
उन्होंने सुखबीर बादल, प्रताप बाजवा और रवनीत बिट्टू पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अगर ये नेता मजीठिया के साथ खड़े हैं तो यह शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी पंजाब से नशा खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस अभियान में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वो कोई भी हो।
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