लुधियाना पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में आगामी 19 जून 2025 को होने वाले उपचुनाव को लेकर मतदाताओं को अब अपने मोबाइल फोन की चिंता करने की जरूरत नहीं होगी. भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने मतदाताओं की सुविधा के लिए एक नई व्यवस्था शुरू की है, जिसके तहत वे अपने मोबाइल फोन को मतदान केंद्र के पास एक सुरक्षित मोबाइल जमा काउंटर पर रख सकेंगे.
यह पहल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में की गई है और इसे लुधियाना पश्चिम के 194 मतदान केंद्रों पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया गया है. 23 मई को जारी आदेश के अनुसार, यह कदम भविष्य में पूरे देश में लागू की जाने वाली व्यापक योजना की दिशा में एक अहम शुरुआत मानी जा रही है.
चुनाव संचालन नियम, 1961 की धारा 49एम के तहत, मतदान की गोपनीयता सुनिश्चित करना अनिवार्य है. इसी नियम के तहत, मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल फोन ले जाना सख्त वर्जित है. पहले मतदाताओं को फोन घर छोड़कर आना पड़ता था या फिर बाहर असुरक्षित रूप से रखना पड़ता था, जिससे उन्हें असुविधा होती थी। अब यह परेशानी खत्म होने जा रही है.
प्रत्येक मतदान केंद्र के प्रवेश द्वार के बाहर विशेष मोबाइल डिपॉजिट काउंटर बनाए जाएंगे. इन काउंटरों का संचालन विशेष रूप से प्रशिक्षित स्वयंसेवकों द्वारा किया जाएगा. हर मतदाता को एक सुरक्षित बैग नंबर दिया जाएगा, फोन जूट या कपड़े के बैग में रखे जाएंगे, मतदान के बाद मतदाता उसी नंबर के आधार पर अपना फोन प्राप्त कर सकेंगे. यह प्रक्रिया न केवल व्यवस्थित होगी, बल्कि सुरक्षा और निजता दोनों सुनिश्चित करेगी.
इस सुविधा का सबसे अधिक लाभ उन मतदाताओं को मिलेगा जो अक्सर अपने फोन के बिना असहज महसूस करते हैं, जैसे- महिलाएं जो अकेले सफर करती हैं. बुजुर्ग जिन्हें परिजनों से संपर्क में रहना होता है, दिव्यांगजन जिन्हें किसी इमरजेंसी में मदद की ज़रूरत पड़ सकती है. उनके लिए यह सुविधा न सिर्फ राहत देगी, बल्कि उन्हें मतदान के प्रति और अधिक प्रेरित करेगी.
पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी. ने बताया कि यह पहल सिर्फ एक तकनीकी नवाचार नहीं, बल्कि एक लोकतांत्रिक सुविधा है. उन्होंने कहा, 'हमारा लक्ष्य है कि हर मतदाता को एक ऐसा माहौल मिले जिसमें वह पूरी निजता और सुविधा के साथ वोट डाल सके. लुधियाना पश्चिम से शुरुआत करके हम देशभर में इस मॉडल को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे.
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