पिछले कुछ दिनों से गैस सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर लोगों में चिंता देखी जा रही है। इसी कारण कई जगहों पर जरूरत से ज्यादा बुकिंग और अतिरिक्त खरीदारी के मामले सामने आए हैं। प्रशासन का कहना है कि घबराहट में की जा रही इस तरह की खरीदारी से कुछ क्षेत्रों में अस्थायी कमी की स्थिति बन सकती है। अधिकारियों के अनुसार, ऐसी स्थिति का फायदा उठाकर कुछ लोग गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी या अवैध जमाखोरी करने की कोशिश भी कर सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पहले ही गैस एजेंसियों और गोदामों की लगातार जांच शुरू कर दी है ताकि सप्लाई व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
जिला प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। गैस एजेंसियों और गोदामों पर नियमित रूप से निरीक्षण किया जा रहा है। इसके अलावा अधिकारियों की एक विशेष कमेटी भी बनाई गई है, जो पूरे मामले पर नजर रख रही है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी इलाके में गैस की सप्लाई बाधित न हो।
लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रशासन ने एक नया कदम उठाया है। डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर नजर रखने के लिए व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9646-222-555 जारी किया है। इस नंबर पर कोई भी व्यक्ति अगर कहीं गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी या संदिग्ध गतिविधि देखता है, तो वह तुरंत व्हाट्सएप मैसेज के जरिए इसकी जानकारी प्रशासन तक पहुंचा सकता है। प्रशासन ने इसके लिए विशेष स्टाफ भी तैनात करने की बात कही है, जो आने वाली शिकायतों को तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएगा।
डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी या अवैध जमाखोरी पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि गैस की कमी को लेकर गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ भी कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में आकर गैस सिलेंडरों की अनावश्यक खरीदारी से बचें।
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