अमृतसर स्थित श्री दरबार साहिब (स्वर्ण मंदिर) परिसर से जुड़ा एक वीडियो सामने आने के बाद देशभर में विवाद गहराता जा रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में एक युवक को पवित्र सरवर के जल से कुल्ला करते हुए और मंदिर परिसर के भीतर रील बनाते देखा गया, जिसके बाद धार्मिक मर्यादा और आचरण को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई. वीडियो के सामने आते ही सिख संगठनों और आम श्रद्धालुओं की ओर से नाराज़गी जताई गई.
विवाद के केंद्र में आए युवक की पहचान सुभान रंगरेज़ (Subhan Rangreez) के रूप में हुई है. गाजियाबाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है और अब उसे आगे की कार्रवाई के लिए पंजाब पुलिस को सौंपे जाने की तैयारी की जा रही है. हिरासत के दौरान कई सिख संगठनों के प्रतिनिधि भी थाने में मौजूद रहे, जिससे मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता साफ झलकती है.
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में सुभान रंगरेज़ को स्वर्ण मंदिर परिसर के भीतर टोपी (ताकिया) पहने हुए देखा गया. वीडियो में वह पवित्र सरवर के पानी से वुज़ू करते हुए कुल्ला करता है और साथ ही मोबाइल फोन से रील रिकॉर्ड करता नजर आता है. यही दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल होते ही विवाद की वजह बन गया.
हालांकि स्वर्ण मंदिर को दुनिया भर में सभी धर्मों, जातियों और देशों के लोगों के लिए खुले धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है, लेकिन परिसर के भीतर आचरण और मर्यादा को लेकर सख्त नियम भी हैं. इसी को लेकर कई लोगों ने इस कृत्य को अनुचित और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया.
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कई यूज़र्स ने सवाल उठाया कि क्या किसी भी धार्मिक स्थल के भीतर इस तरह से वीडियो बनाना और धार्मिक प्रक्रिया करना उचित है? वहीं कुछ लोगों ने इसे जानबूझकर ध्यान खींचने और सोशल मीडिया प्रसिद्धि पाने की कोशिश करार दिया. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सिख संगठनों ने पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद गाजियाबाद पुलिस ने सुभान रंगरेज़ को हिरासत में लिया.
जैसे-जैसे आलोचना तेज हुई, उसी दौरान सोशल मीडिया पर एक और वीडियो सामने आया, जिसमें सुभान रंगरेज़ अपने अनुभव साझा करता नजर आता है. इस वीडियो में वह कहता है कि स्वर्ण मंदिर परिसर में उसे किसी ने भी आपत्ति नहीं जताई, जबकि वह अकेला ऐसा व्यक्ति था जिसने टोपी पहनी हुई थी और बाकी श्रद्धालु सिख पगड़ी में थे. वीडियो में वह सांप्रदायिक सौहार्द की बात करते हुए कहता है, हिंदु मुस्लिम शिख ईसाई, आपस में भाई-भाई और आगे जोड़ता है कि लोगों को आपस में शांति और भाईचारे के साथ रहना चाहिए.
फिलहाल पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि सुभान रंगरेज़ पर किन धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा. पंजाब पुलिस अब आरोपी को अपनी हिरासत में लेकर पूरे मामले की जांच करेगी. अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक स्थल की मर्यादा और कानून- दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है.
यह मामला एक बार फिर इस सवाल को सामने ले आया है कि सोशल मीडिया कंटेंट और धार्मिक स्थलों की पवित्रता के बीच सीमा रेखा कहां होनी चाहिए. जहां एक ओर धार्मिक स्थल सभी के लिए खुले हैं, वहीं दूसरी ओर वहां की मर्यादा और परंपराओं का सम्मान भी उतना ही जरूरी माना जाता है.
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