Republic Day Parade 2026: हर साल की तरह इस बार भी 26 जनवरी 2026 को दिल्ली में भव्य गणतंत्र दिवस परेड का आयोजन किया जाएगा. लेकिन इस बार की परेड कई मायनों में खास होने वाली है. भारत इस साल अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. परेड में देश की शक्ति, संस्कृति और आधुनिक तकनीक की झलक देखने को मिलेगी.
इस बार पहली बार किसी एक देश के बजाय यूरोपीय संघ (EU) के दो शीर्ष नेताओं को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है. ये हैं:
उर्सुला वॉन डेर लेयेन – यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा – यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष
यह कदम भारत और यूरोप के मजबूत रिश्तों को दर्शाता है.
इस बार की परेड की मेन थीम है ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का जश्न.
कर्तव्य पथ पर वंदे मातरम के छंदों वाली ऐतिहासिक पेंटिंग्स (1923 की सीरीज) प्रदर्शित की जाएंगी. सांस्कृतिक कार्यक्रमों का विषय होगा: स्वतंत्रता का मंत्र - वंदे मातरम, समृद्धि का मंत्र - आत्मनिर्भर भारत.
इस बार की परेड में भारतीय सेना की ताकत और आधुनिक तकनीक को दिखाने के लिए कई नए आकर्षण होंगे:
बैटल एरे फॉर्मेशन: सेना युद्ध के मैदान की तरह फॉर्मेशन में मार्च करेगी, जिसमें टोही और रसद दल शामिल होंगे.
भैरव लाइट कमांडो बटालियन: नई गठित बटालियन का पहला प्रदर्शन.
S-400 मिसाइल सिस्टम: रूस से खरीदा गया उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम पहली बार परेड में दिखाई देगा.
ऑपरेशन सिंदूर: हालिया सीमा पार सर्जिकल स्ट्राइक की बहादुरी झांकी में दिखाई जाएगी.
स्वदेशी तकनीक: शक्तिबाण, आकाश मिसाइल सिस्टम, रोबोटिक म्यूल्स और स्वदेशी यूजीवी मुख्य आकर्षण होंगे.
इस बार सरकार ने VIP लेबल हटाकर सभी लोगों को समान रूप से परेड देखने का अवसर दिया है. सभी दर्शक दीर्घाओं (Enclosures) का नाम अब भारतीय नदियों के नाम पर रखा गया है, जैसे गंगा, यमुना, गोदावरी, नर्मदा आदि.
करीब 10,000 विशेष मेहमान परेड में शामिल होंगे, जिनमें शामिल हैं:
प्राकृतिक खेती करने वाले किसान स्टार्टअप संस्थापक स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाएं पैरा-एथलेटिक्स के विजेता
इस बार की परेड केवल ताकत और शक्ति का प्रदर्शन नहीं होगी, बल्कि भारत की संस्कृति, सामाजिक योगदान और आधुनिक तकनीक का भी जश्न मनाया जाएगा.
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