Gagandeep Randhawa Case: पंजाब में वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा की संदिग्ध आत्महत्या का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और अब यह एक बड़ा विवाद बनता जा रहा है। घटना को तीन दिन से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद अब तक उनका पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया है, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल उनका शव अमृतसर के एक अस्पताल में रखा हुआ है, लेकिन प्रक्रिया में हो रही इस देरी ने परिजनों की चिंता और गुस्सा दोनों बढ़ा दिए हैं।
परिवार का आरोप है कि जांच और पोस्टमॉर्टम में जानबूझकर देरी की जा रही है, जिससे सच्चाई सामने आने में बाधा उत्पन्न हो सकती है। इस बीच, राजनीतिक दलों ने भी इस मामले को गंभीरता से उठाना शुरू कर दिया है और प्रशासन पर सवाल दागे जा रहे हैं।
इस बीच मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर भी गूंजने लगा है। कांग्रेस सांसद गुरजीत औजला ने इसे लोकसभा में उठाया, जिसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह मामला पंजाब से जुड़ा है, लेकिन अगर राज्य के सभी सांसद लिखित में अनुरोध करते हैं, तो जांच केंद्रीय एजेंसी सीबीआई (CBI) को सौंपी जा सकती है।
मामले में नया मोड़ तब आया जब गगनदीप सिंह रंधावा से जुड़ा एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया। करीब तीन मिनट के इस वीडियो में वह 21 मार्च की सुबह अपने घर के आंगन में टहलते नजर आते हैं। इसके बाद वीडियो में कथित तौर पर उन्हें कोई जहरीला पदार्थ लेते हुए देखा गया है। इस फुटेज के सामने आने के बाद मामला और ज्यादा संदिग्ध हो गया है और लोगों के मन में कई सवाल उठने लगे हैं।
मृतक के परिवार ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि तय समय में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो वे अपने बच्चों के साथ सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। परिवार की मांग है कि मामले की निष्पक्ष और तेज जांच हो।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बना रहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह मामला सीबीआई को सौंपा जाएगा और कब तक जांच पूरी होगी।
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