Petrol-Diesel Price Hike: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि इस संघर्ष का असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर इसका असर पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस स्थिति के चलते ईंधन की सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे वैश्विक स्तर पर तेल की कमी देखने को मिल सकती है। इसका सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ता है, जहां बड़ी मात्रा में तेल आयात किया जाता है।
रामगोपाल यादव ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं ले रही है। उनका कहना है कि सरकार जानबूझकर इस मुद्दे को टाल रही है। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनावों के बाद ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। उनके मुताबिक, कीमतें 50 से 60 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाई जा सकती हैं, जो आम जनता पर बड़ा बोझ डाल सकती हैं।
वहीं, सपा सांसद डिंपल यादव ने भी ऊर्जा संकट को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले से ही एलपीजी और अन्य ऊर्जा संसाधनों की कमी की बात करता रहा है, लेकिन सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रही थी।
उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा संकट का असर सिर्फ गैस या तेल तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे फूड सप्लाई चेन भी प्रभावित हो रही है, जिससे महंगाई और बढ़ सकती है।
इस बीच, बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए नरेंद्र मोदी ने एक अहम बैठक की। प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस हाई लेवल मीटिंग में पेट्रोलियम, कच्चा तेल, गैस, बिजली और उर्वरक से जुड़े हालात की समीक्षा की गई। करीब साढ़े तीन घंटे तक चली इस बैठक में सरकार ने मौजूदा स्थिति और संभावित चुनौतियों पर चर्चा की।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय तनाव जारी रहता है, तो इसका असर आने वाले समय में महंगाई के रूप में दिख सकता है। पेट्रोल-डीजल, गैस और बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी आम लोगों की जेब पर सीधा असर डालेगी।
Copyright © 2026 The Samachaar
