कनाडा में कुछ गैंगस्टर शरणार्थी बनकर रह रहे हैं, जिन पर भारत में अपराध करने का आरोप है। अब इन अपराधियों को कनाडा से निष्कासित करने की मांग तेज हो गई है। विपक्षी दलों और पंजाब पुलिस दोनों ही इन गैंगस्टरों को भारत लाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
विपक्ष का कहना है कि सरकार की मौजूदा नीति के कारण अपराधियों को आसानी से देश में रहने की अनुमति मिल रही है, जिससे कनाडा में भी अपराध फैल रहा है।
‘पीपुल्स पार्टी ऑफ कनाडा’ के नेता मैक्सिम बर्नियर ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि कुछ गैंगस्टर कनाडा के शहर सरे और ब्रैम्पटन में अपराध का जाल फैलाकर आपातकाल जैसी स्थिति पैदा करना चाहते हैं। बर्नियर का कहना है कि यह समस्या केवल स्थानीय सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि देश की स्थिरता के लिए भी खतरनाक है। उन्होंने सरकार से मांग की कि फर्जी तरीके से नागरिकता पाने वालों की नागरिकता रद्द की जाए।
कनाडा की संसद में कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पियरे पोइलिव्रे ने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की उपस्थिति को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि बिना किसी जांच के इन गैंगस्टरों को देश में प्रवेश करने दिया गया, जिससे जबरन वसूली और अन्य अपराधों का खतरा बढ़ गया। उन्होंने तीन मुख्य बिंदुओं पर जोर दिया:
असफल आव्रजन नीति: वर्तमान नीतियों की वजह से लोग आपराधिक गतिविधियों का शिकार हो रहे हैं।
फर्जी शरणार्थी: दोषी ठहराए गए गैंगस्टर फर्जी शरणार्थी बनकर रह रहे हैं।
कानून में संशोधन: इन अपराधियों के खिलाफ सख्त और तत्काल कार्रवाई के लिए नियम बदलने की जरूरत है।
कनाडा के न्याय मंत्री शॉन फ्रेजर ने कहा कि पुलिस ने कड़े कानून बनाने की मांग की थी, लेकिन विपक्ष सहयोग नहीं कर रहा। उन्होंने यह भी बताया कि कानून के अभाव में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना मुश्किल हो रहा है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार की लिबरल पार्टी की नीति ही इस समस्या की जड़ है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, गोल्डी ब्रार, अर्शदीप डल्ला और लॉरेंस गिरोह के कई सदस्य कनाडा में छिपे हुए हैं। ये लोग भारत के पंजाब और अन्य राज्यों में अपराध कर रहे हैं। इसके अलावा, कनाडा के कुछ शहरों में खालिस्तान समर्थकों और गैंगस्टरों द्वारा जबरन वसूली के मामले सामने आए हैं। इस वजह से स्थानीय पुलिस की भी चिंता बढ़ गई है।
पंजाब पुलिस ने साफ किया है कि वह इन गैंगस्टरों को भारत लाने और कानून के अनुसार कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार है। पुलिस का कहना है कि कनाडा से इन अपराधियों को निष्कासित कराने के लिए दोनों देशों के बीच सहयोग जरूरी है।
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