पंजाब के तरन तारन जिले के उस्मा गांव में स्थित माई भागो लॉ कॉलेज में सोमवार सुबह एक ऐसी घटना हुई, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। रोज़ की तरह कॉलेज में कक्षाएं शुरू हो रही थीं। सुबह करीब 9:15 बजे छात्र-छात्राएं अपनी-अपनी कक्षाओं में बैठे थे। अचानक एक क्लासरूम से गोलियों की आवाज आई।
कुछ ही पलों में कॉलेज परिसर में डर और अफरा-तफरी फैल गई। किसी को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। जब लोग क्लास की ओर पहुंचे, तो वहां का मंजर बेहद दर्दनाक था।
मिली जानकारी के मुताबिक, इस घटना के पीछे एकतरफा प्यार की कहानी सामने आई है। कॉलेज में कानून की पढ़ाई कर रहा छात्र प्रिंस राज सिंह अपनी ही क्लासमेट संदीप कौर से प्यार करता था। लेकिन यह प्यार एकतरफा था। संदीप कौर ने कभी भी उसके प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। हाल ही में संदीप की सगाई तय हो गई थी, जिससे प्रिंस राज सिंह काफी नाराज और मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से संदीप को फोन कर परेशान कर रहा था और शादी के लिए दबाव बना रहा था।
परिवार के अनुसार, घटना से ठीक एक दिन पहले यानी रविवार को भी प्रिंस ने संदीप को फोन कर शादी का प्रस्ताव दिया था। संदीप ने साफ शब्दों में मना कर दिया और इस बारे में अपने परिवार को भी जानकारी दी। परिवार ने उसे समझाया था और भरोसा दिलाया था कि वे उसके साथ हैं। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि अगला दिन इतना भयावह होगा।
सोमवार को कॉलेज खुलते ही प्रिंस राज सिंह अपने बैग में पिस्तौल लेकर कॉलेज पहुंच गया। वह सीधे उस क्लासरूम में गया, जहां संदीप अपने एक दोस्त के साथ बेंच पर बैठी थी। सबके सामने उसने एक बार फिर संदीप से शादी की बात रखी। जब संदीप ने दोबारा मना किया, तो वह गुस्से से आपा खो बैठा। उसने अचानक बैग से पिस्तौल निकाली और संदीप के सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही संदीप वहीं गिर पड़ी।
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद प्रिंस राज सिंह ने उसी पिस्तौल को अपने माथे से लगाया और खुद को भी गोली मार ली। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। कुछ ही सेकंड में एक क्लासरूम मातम में बदल गया। छात्र-छात्राएं चीखने लगे और कॉलेज में भगदड़ मच गई।
संदीप कौर नौशेरा पन्नू गांव के हीरा सिंह की बेटी थी। वह कानून की पढ़ाई कर रही थी और उसका सपना जज बनने का था। उसकी मां हरजिंदर कौर ने रोते हुए बताया कि परिवार ने बड़ी मेहनत से उसे पढ़ाया था। संदीप सात बहनों में से एक थी और उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका था। परिवार के लिए संदीप उम्मीद की किरण थी, जो इस घटना के साथ हमेशा के लिए बुझ गई।
इस घटना के बाद कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का कहना है कि एक छात्र पिस्तौल लेकर कॉलेज और क्लासरूम तक कैसे पहुंच गया? उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद कॉलेज का गेट करीब 15 मिनट तक बंद रहा, जिससे घायलों को समय पर मदद नहीं मिल सकी। सूचना मिलने पर डीएसपी जगबीर सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और क्लासरूम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
इस घटना के बाद पूरे तरन तारन जिले में शोक का माहौल है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि कॉलेजों में सुरक्षा इतनी कमजोर क्यों है और एकतरफा प्यार जैसी मानसिक समस्या को समय रहते क्यों नहीं पहचाना जा सका। यह घटना समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी बनकर सामने आई है।
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