पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक बार फिर पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोला है। मोहाली में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 916 नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने सिर्फ नौकरियां ही नहीं छीनीं, बल्कि गरीब और दलित बच्चों की पढ़ाई के लिए मिलने वाली छात्रवृत्ति तक हड़प ली।
पंजाब के मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अब पंजाब में ईमानदार और जवाबदेह सरकार काम कर रही है, जो जनता के हक की एक-एक पाई लोगों तक पहुंचा रही है।
सीएम मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल में अब तक 63,943 सरकारी नौकरियां दी हैं। अगर आने वाले दिनों में यह संख्या बढ़ती है, तो उसे भी जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद विपक्ष को केवल कमियां निकालने की आदत है। कभी डोमिसाइल का सवाल उठाया जाता है तो कभी यह कहा जाता है कि नौकरियां बाहर के लोगों को दी गईं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दी गई सभी नौकरियां पंजाब के युवाओं को ही मिली हैं।
ਅੱਜ ਮੋਹਾਲੀ ਵਿਖੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਵਿਭਾਗਾਂ ਦੇ 916 ਨੌਜਵਾਨ ਮੁੰਡੇ-ਕੁੜੀਆਂ ਨੂੰ ਨਿਯੁਕਤੀ ਪੱਤਰ ਵੰਡੇ। ਸਭ ਨੂੰ ਤਨਦੇਹੀ ਨਾਲ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਦੀ ਸੇਵਾ ਕਰਨ ਲਈ ਸ਼ੁੱਭਕਾਮਨਾਵਾਂ ਦਿੱਤੀਆਂ।
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) January 30, 2026
ਹੁਣ ਤੱਕ 63 ਹਜ਼ਾਰ 943 ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਬਿਨਾਂ ਰਿਸ਼ਵਤ ਅਤੇ ਬਿਨਾਂ ਸਿਫ਼ਾਰਸ਼ ਸਰਕਾਰੀ ਨੌਕਰੀਆਂ ਦੇ ਚੁੱਕੇ ਹਾਂ। ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਵੀ ਮਿਸ਼ਨ ਰੁਜ਼ਗਾਰ… pic.twitter.com/vZ0EttR3W3
मुख्यमंत्री ने राज्य की 10 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इस योजना में कोई भी शर्त नहीं रखी गई है। पहले की सरकारों में योजना का लाभ लेने के लिए तरह-तरह की शर्तें लगाई जाती थीं।
उन्होंने कहा कि अब इस योजना में पूरे परिवार को शामिल किया गया है और पेंशनर भी इसका लाभ ले सकेंगे। एक साल में 10 लाख रुपये खर्च होने के बाद अगले साल फिर से उतनी ही राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें सभी बीमारियों को कवर किया गया है और बड़े निजी अस्पताल भी इस योजना से जुड़े हुए हैं।
सीएम मान ने कहा कि जालंधर में हाल ही में 10 हजार एससी पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप जारी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने बच्चों की पढ़ाई के पैसे तक खा लिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले युवाओं को पढ़ने का पूरा मौका दिया जाना चाहिए और फिर उनकी शिक्षा के अनुसार रोजगार मिलना चाहिए। मनपसंद नौकरी मिलने पर युवा और ज्यादा मेहनत और ईमानदारी से काम करता है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भावुक होते हुए कहा कि वे भी आम लोगों की तरह ही हैं। अगर उन्हें कलाकार के रूप में पहचान न मिली होती, तो वे भी रोजगार कार्यालयों के चक्कर काट रहे होते।
उन्होंने कहा कि समाज ने उन्हें बहुत कुछ दिया, इसलिए उन्होंने समाज के लिए अपना करियर छोड़ने का फैसला किया। उनके परिवार ने इसका विरोध भी किया, लेकिन शहीदों की कुर्बानियों ने उन्हें राजनीति में आने की प्रेरणा दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 जनवरी को संविधान के 77 साल पूरे हुए हैं। संविधान ने हमें सारे अधिकार दिए, लेकिन जमीनी स्तर पर ये अधिकार छीन लिए गए। उन्होंने कहा कि भारत के बाद आजाद हुए सिंगापुर और यूक्रेन जैसे देश काफी आगे निकल गए, जबकि हम अभी भी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं। अब समय आ गया है कि शहीदों के सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष किया जाए।
सीएम मान ने कहा कि उनकी सरकार ने अस्पताल बनाए, इसलिए डॉक्टरों और नर्सों की भर्ती करनी पड़ी। पहले योजनाएं तो थीं, लेकिन अस्पताल मरीजों को भर्ती करने से कतराते थे क्योंकि भुगतान समय पर नहीं होता था। उन्होंने कहा कि अब स्थिति बदली है, इसी वजह से विपक्ष उन्हें रोज गालियां देता है।
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि आज जिन कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं, वे सभी स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं देंगे। उन्होंने दावा किया कि पिछले 75 वर्षों में पहली बार किसी सरकार ने चार साल में करीब 64 हजार नौकरियां दी हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य में जल्द ही 8 से 10 नए मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे और अगले छह महीनों में इनके शिलान्यास का काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने डॉक्टरों से अपील की कि इलाज से पहले मरीज की बात जरूर सुनी जाए, क्योंकि इससे मरीज का आधा दर्द अपने आप कम हो जाता है।
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