जयपुर एयरपोर्ट पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एयर इंडिया की एक फ्लाइट लैंडिंग के दौरान तकनीकी खराबी का शिकार हो गई। विमान रनवे को छूने के बाद अचानक दोबारा हवा में उड़ गया।
इस अप्रत्याशित घटना से विमान में सवार 100 से अधिक यात्रियों की सांसें थम गईं। हालांकि पायलट की सूझबूझ और तेजी से लिए गए फैसले के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और सभी यात्री सुरक्षित हैं।
इस फ्लाइट में पंजाब के वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुखजिंद्रर सिंह रंधावा भी सवार थे। वे भी इस घटना में बाल-बाल बच गए। विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू मेंबर्स के लिए यह कुछ मिनट बेहद डरावने साबित हुए।
जानकारी के अनुसार, यह एयर इंडिया की फ्लाइट दिल्ली से जयपुर आ रही थी। तय समय पर विमान जयपुर एयरपोर्ट पहुंचा और लैंडिंग की प्रक्रिया शुरू की गई। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन जैसे ही विमान रनवे के पास पहुंचा, अचानक हालात बदल गए।
बताया जा रहा है कि जैसे ही विमान के पहिए रनवे को छूने वाले थे या छू चुके थे, उसी समय तकनीकी समस्या सामने आ गई। पायलट को स्थिति सामान्य नहीं लगी। ऐसे में उन्होंने बिना देरी किए विमान को दोबारा टेकऑफ (गो-अराउंड) कराने का फैसला लिया। यह फैसला बेहद अहम था, क्योंकि अगर लैंडिंग जारी रखी जाती तो बड़ा खतरा हो सकता था।
विमान के अचानक दोबारा हवा में उठते ही यात्रियों में घबराहट और डर फैल गया। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें कुछ पल के लिए लगा कि कोई बड़ा हादसा होने वाला है। कुछ लोग प्रार्थना करने लगे, तो कुछ एक-दूसरे को संभालते नजर आए। हालांकि केबिन क्रू ने यात्रियों को शांत रहने की अपील की और बताया कि स्थिति नियंत्रण में है।
घटना की जानकारी मिलते ही जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) तुरंत अलर्ट मोड पर आ गए। विमान को सुरक्षित ऊंचाई पर ले जाया गया और पायलट को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।ATC और पायलट के बीच लगातार संपर्क बना रहा, ताकि स्थिति पर पूरी नजर रखी जा सके।
तकनीकी जांच और सभी एहतियाती कदम उठाने के बाद विमान को दोबारा जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित तरीके से लैंड कराया गया। जैसे ही विमान सुरक्षित उतरा, यात्रियों ने राहत की सांस ली। इस दौरान एयरपोर्ट पर मौजूद आपातकालीन सेवाएं भी पूरी तरह तैयार थीं।
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, अब विमान और रनवे दोनों की तकनीकी जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर लैंडिंग के दौरान किस तरह की तकनीकी समस्या आई थी।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विमानन सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। नियमों के अनुसार, घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचा जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि पायलट द्वारा समय पर लिया गया फैसला इस घटना में सबसे अहम रहा। सही समय पर गो-अराउंड करने से न सिर्फ विमान सुरक्षित रहा, बल्कि यात्रियों की जान भी बच गई।
लैंडिंग के बाद कई यात्रियों ने पायलट और क्रू मेंबर्स का धन्यवाद किया। यात्रियों का कहना था कि कुछ मिनटों के लिए डर जरूर लगा, लेकिन प्रोफेशनल तरीके से हालात संभाले गए।
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