नई दिल्ली में स्थित भारत मंडपम में आज राजभाषा विभाग की स्वर्ण जयंती (50 वर्ष) के उपलक्ष्य में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर देश के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने राजभाषा विभाग की पांच दशकों की गौरवपूर्ण यात्रा को नमन करते हुए उसे राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सभ्यता और मूल्यों की जीवंत अभिव्यक्ति है। यह संवाद का माध्यम ही नहीं, बल्कि देश की एकता और अखंडता की डोर भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज हिंदी को वैश्विक स्तर पर गौरव प्राप्त हो रहा है और सरकारी कार्यों में इसके उपयोग को बढ़ावा देने में राजभाषा विभाग का योगदान सराहनीय है।
इस समारोह में गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार, संसदीय राजभाषा समिति के उपाध्यक्ष भर्तृहरि महताब, राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, प्रतिष्ठित लेखिका श्रीमती सुधा मूर्ति, शिक्षा संस्कृति उत्थान समिति के राष्ट्रीय सचिव श्री अतुल कोठारी, राजभाषा विभाग की सचिव श्रीमती अंशुली आर्या और डॉ. राजलक्ष्मी कृष्णन भी उपस्थित रहीं।
अमित शाह ने इस मौके पर राजभाषा विभाग को स्वर्ण जयंती की बधाई देते हुए कहा कि पिछले 50 वर्षों में विभाग ने न केवल हिंदी के संवर्धन में बल्कि देश के जनमानस को जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने आशा जताई कि आने वाले समय में हिंदी और भारतीय भाषाओं को और अधिक मजबूती मिलेगी।
इस आयोजन को राजभाषा के विकास और राष्ट्रीय एकता के प्रति प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
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