पंजाब सरकार ने उद्योग जगत को राहत देते हुए औद्योगिक प्लॉट ट्रांसफर पॉलिसी में अहम बदलाव किए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया।
अब अस्पताल, होटल, इंडस्ट्रियल पार्क जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए औद्योगिक प्लॉट का इस्तेमाल किया जा सकेगा। पहले की पॉलिसी में कई सख्त शर्तें थीं, जिन पर उद्योगपतियों को आपत्ति थी। अब 12.5% ट्रांसफर चार्ज लेकर प्लॉट ट्रांसफर किया जा सकेगा।
पीएसआईईसी (Punjab Small Industries & Export Corporation) द्वारा दिए गए लीज प्लॉट्स को अब फ्रीहोल्ड (पूरी तरह मालिकाना हक) में बदला जा सकता है। इससे जमीन के लेन-देन में आसानी होगी और विवाद भी कम होंगे।
एमएसएमई नियम 2021 में बदलाव कर भुगतान प्रक्रिया तेज की जाएगी। अब तय समय पर सूक्ष्म और लघु उद्योगों को उनका बकाया मिलेगा। इसके लिए जमीन की वसूली की तरह प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
जल संसाधन विभाग में जूनियर इंजीनियर के प्रमोशन नियमों में बदलाव किया गया है। अब नहर पटवारी और राजस्व क्लर्क भी, अगर उनके पास जरूरी डिप्लोमा या डिग्री हो, तो प्रमोशन पा सकते हैं। इससे योग्य कर्मचारियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
राज्य सरकार ने वित्त विभाग के कई निदेशालयों का आपस में विलय कर दिया है ताकि खर्च घटे और कामकाज में तेजी आए। इस बदलाव से सरकार को हर साल करीब 2.64 करोड़ रुपये की बचत होगी।
केंद्र सरकार की योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए चंडीगढ़ में SNA कोषागार (खजाना) के लिए 9 नए पदों को मंजूरी दी गई है, जिससे फंड ट्रांसफर अब आसान और पारदर्शी होगा।
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