दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कांवड़ यात्रा को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब सरकार कांवड़ समितियों को सीधे बैंक खाते में पैसा भेजेगी, यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सहायता दी जाएगी। इससे भ्रष्टाचार खत्म होगा और समितियों को समय पर मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सावन में कांवड़ यात्रा बहुत बड़ा धार्मिक पर्व होता है और इसके लिए पूरी दिल्ली सजती है। पहले की सरकारों में भ्रष्टाचार होता था, पैसे खर्च होते थे लेकिन कांवड़ियों तक कुछ नहीं पहुंचता था। समितियों को मदद के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था।
अब कोई ठेका या टेंडर नहीं होगा, बल्कि जो संस्थाएं पहले से रजिस्टर्ड हैं, वे डीएम के पास आवेदन करेंगी। सरकार इस योजना को ‘मुख्यमंत्री धार्मिक उत्सव’ नाम दे रही है। योजना के तहत एक संस्था को कम से कम ₹50,000 और अधिकतम ₹10 लाख तक की सहायता मिलेगी। पूरा सिस्टम सिंगल विंडो से चलेगा ताकि किसी को परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री ने बताया कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान किया जाएगा और इसे 30 जुलाई तक पूरा करना होगा। सरकार सहायता राशि का 50% पैसा पहले और 50% बाद में देगी। पहले जहां बिलिंग कई सालों तक अटकी रहती थी, अब तय समय में सब काम पूरा करना होगा।
इसके अलावा, सरकार 1200 यूनिट तक की बिजली मुफ्त देगी। हर समिति की निगरानी की ज़िम्मेदारी SDM की होगी, और वे जियो टैगिंग भी करेंगे ताकि पारदर्शिता बनी रहे। दिल्ली सरकार खुद बॉर्डर पर जाकर कांवड़ यात्रियों का स्वागत करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि समाजिक भागीदारी का पर्व है। इस बार चार विधायक, जिनमें कपिल मिश्रा भी शामिल हैं, इस पूरे काम की निगरानी करेंगे। पिछली बार सरकार ने 170 समितियों को मदद दी थी, और इस बार यह और भी बेहतर तरीके से किया जाएगा।
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