Holi 2026: हिंदू धर्म में होली का त्योहार बहुत खास माना जाता है। ये पर्व फाल्गुन माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन रात में होलिका दहन किया जाता है और अगले दिन रंगों के साथ होली खेली जाती है। होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह बुराई पर अच्छाई की जीत और आपसी प्रेम का संदेश भी देता है। लोग एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर खुशी बांटते हैं। कुछ स्थानों पर होलिका दहन की राख को भी शुभ मानकर लगाया जाता है।
भारत के कई हिस्सों में होली अलग अंदाज में मनाई जाती है। खासतौर पर ब्रज क्षेत्र में होली की परंपराएं बहुत प्रसिद्ध हैं। यहां लट्ठमार होली, फूलों की होली और लड्डू मार होली जैसी अनोखी परंपराएं देखने को मिलती हैं। इन सबके बीच रंगों की होली सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र होती है। लाल, पीले, हरे, नीले और गुलाबी रंगों से पूरा वातावरण रंगीन हो जाता है।
ज्योतिष शास्त्र में होली के समय को विशेष माना गया है। मान्यता है कि होलाष्टक से लेकर होलिका दहन तक का समय थोड़ा संवेदनशील होता है। इस दौरान ग्रहों की स्थिति उग्र मानी जाती है। ऐसा विश्वास है कि अलग-अलग रंगों का संबंध अलग-अलग ग्रहों से होता है। होली के दिन इन रंगों का प्रयोग करने से नकारात्मकता कम होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। पुराने समय में प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया जाता था, जो त्वचा और स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माने जाते थे।
हरा रंग बुध ग्रह से जुड़ा माना जाता है। ये रंग तरक्की, संतुलन और शांति का प्रतीक है। हरा रंग मन को सुकून देता है और जीवन में नई शुरुआत का संकेत भी माना जाता है।
पीला रंग गुरु ग्रह से संबंधित माना जाता है। ये ज्ञान, पवित्रता और प्रसन्नता का प्रतीक है। ऐसा माना जाता है कि पीला रंग सकारात्मक सोच को बढ़ाता है और रिश्तों में मिठास लाता है।
लाल रंग का संबंध मंगल ग्रह से बताया गया है। ये ऊर्जा, साहस और शक्ति का प्रतीक है। होली पर लाल रंग उत्साह और जोश को दर्शाता है।
गुलाबी रंग को शुक्र ग्रह से जोड़ा जाता है। ये प्रेम, स्नेह और कोमल भावनाओं का प्रतीक है। गुलाबी रंग आपसी रिश्तों में अपनापन बढ़ाने का संदेश देता है।
नारंगी रंग सूर्य से जुड़ा माना जाता है। ये ऊर्जा, आत्मविश्वास और खुशी का प्रतीक है। यह रंग जीवन में नई रोशनी और उमंग का एहसास कराता है।
होली केवल रंगों से खेलने का दिन नहीं है, बल्कि ये मन के गिले-शिकवे मिटाने और रिश्तों को मजबूत करने का अवसर है। हर रंग अपने साथ एक खास भावना और संदेश लेकर आता है। अगर प्राकृतिक और सुरक्षित रंगों का उपयोग किया जाए तो यह त्योहार स्वास्थ्य और खुशी दोनों लेकर आता है।
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