जोएल ले स्कोर्नेक (Joel Le Scouarnec) एक ऐसा नाम है जिसने फ्रांस की मेडिकल और न्याय प्रणाली को हिला कर रख दिया. सफेद कोट पहनने वाला यह शख्स करीब तीन दशकों तक डॉक्टर रहा और इसी दौरान उसने सैकड़ों बच्चों, किशोरियों और महिलाओं के साथ यौन शोषण किया.
Le Scouarnec ने अस्पतालों में बच्चों की सर्जरी करते हुए या चेकअप के दौरान अपने ही मरीजों को शिकार बनाया 2017 में जब एक 6 साल की बच्ची ने अपनी मां को बताया कि डॉक्टर ने उसके साथ कुछ गलत किया है, तभी इस राक्षसी कहानी का पर्दाफाश शुरू हुआ. जांच के दौरान उसके घर से डायरियां मिलीं जिनमें उसने अपने घिनौने अपराधों की 'डायरी' लिख रखी थी। इन डायरियों में 200 से ज्यादा पीड़ितों के नाम, उम्र और घटनाओं का विवरण था.
2020 में उसे चार मामलों में दोषी ठहराया गया और 15 साल की सजा सुनाई गई। लेकिन 2024 में फ्रांसीसी सरकार और पुलिस ने उसकी फाइल को दोबारा खोला, क्योंकि नए मामलों और सबूतों के आधार पर यह संख्या 349 पीड़ितों तक पहुंच गई थी.
सबसे भयावह बात यह है कि वह इतने वर्षों तक खुलेआम बच्चों का इलाज करता रहा और अस्पतालों ने कभी गंभीरता से उस पर शक नहीं किया. कई बार शंका जताई गई लेकिन हर बार मामले को "इंटरनल इनक्वायरी" में दबा दिया गया.
Le Scouarnec की कहानी सिर्फ एक डॉक्टर की नहीं है, बल्कि उस तंत्र की असफलता की भी है जिसने एक दरिंदे को बचाया. अब उसकी कहानी फ्रांस में मेडिकल नैतिकता, अस्पताल प्रशासन और बच्चों की सुरक्षा पर नई बहस छेड़ चुकी है.
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