आज अयोध्या में एक बेहद खास और भावुक पल देखने को मिला, जब राम मंदिर में भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप रामलला के मस्तक पर सूर्य की किरणों से तिलक किया गया। इस अनोखे दृश्य ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैसे ही यह दिव्य क्षण आया, पूरा मंदिर परिसर खुशी और भक्ति के रंग में डूब गया।
रामनवमी के इस पावन अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में भगवान राम के आदर्शों - त्याग, अनुशासन और मर्यादा- को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। साथ ही उन्होंने देश के उज्ज्वल और आत्मनिर्भर भविष्य के लिए भगवान राम से आशीर्वाद भी मांगा।
रामनवमी भगवान राम के जन्म का पर्व है, जिसे अयोध्या में बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस बार का मुख्य आकर्षण सूर्य तिलक रहा। दोपहर के समय कुछ ही मिनटों के लिए सूर्य की किरणें सीधे रामलला के ललाट पर पड़ीं, जिससे यह दृश्य और भी दिव्य बन गया। इस खास पल ने पूरे उत्सव को और भी भव्य बना दिया।
मंदिर में भजन, कीर्तन और बधाई गीतों का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालु, संत और अन्य लोग भक्ति में लीन नजर आए। चारों ओर नृत्य और संगीत का माहौल था। बड़ी संख्या में आए भक्तों के लिए पूरे कार्यक्रम को देखने की विशेष व्यवस्था भी की गई, जिससे हर कोई इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बन सका।
यह सूर्य तिलक कोई संयोग नहीं, बल्कि वैज्ञानिक योजना का परिणाम है। इससे पहले भी राम मंदिर के उद्घाटन के बाद पहली रामनवमी पर यह प्रयोग सफलतापूर्वक किया गया था। देश के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने मिलकर ऐसी तकनीक तैयार की, जिससे हर साल इस खास दिन पर सूर्य की किरणें ठीक समय पर रामलला के मस्तक पर पड़ें।
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