Navjot Kaur Sidhu On Rahul Gandhi: पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनाव से पहले ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. खासकर कांग्रेस पार्टी के भीतर स्थिति तनावपूर्ण दिखाई दे रही है. हाल ही में पार्टी छोड़ने वाली Navjot Kaur Sidhu ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनके बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है.
नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि राहुल गांधी अच्छी और समझदारी भरी बातें करते हैं, लेकिन उनके कहने और करने में फर्क है. उनका आरोप है कि राहुल गांधी जमीनी हकीकत से दूर हैं. उन्होंने ये भी कहा कि वो पिछले कई महीनों से राहुल गांधी से मिलने का समय मांग रही थीं, ताकि पंजाब में पार्टी की स्थिति पर चर्चा कर सकें, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिला.
उन्होंने दावा किया कि पंजाब में कांग्रेस को नुकसान हो रहा है और पार्टी के अंदर गलत फैसले लिए जा रहे हैं. उनके अनुसार, अगर शीर्ष नेतृत्व को ये नहीं पता कि नीचे क्या हो रहा है, तो यह गंभीर बात है.
नवजोत कौर सिद्धू ने टिकट वितरण को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले ही टिकटों को लेकर गलत तरीके अपनाए गए हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर भ्रष्टाचार की समस्या है और इस पर सख्ती से कार्रवाई नहीं की जा रही.
उनका कहना था कि जब पार्टी खुद अपने अंदर की गड़बड़ियों को ठीक नहीं कर पा रही है, तो भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलना प्रभावी नहीं लगता. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि ईमानदार लोगों की बात को नजरअंदाज किया जा रहा है.
पूर्व कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि उनसे कुछ बड़े वादे किए गए थे, लेकिन वे पूरे नहीं हुए. उनके अनुसार, उन्हें और उनके परिवार को जिम्मेदार पद देने की बात कही गई थी, पर बाद में ऐसा नहीं हुआ. इस वजह से भी उनके मन में असंतोष रहा.
नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि किसी भी नेता के लिए जमीन से जुड़े रहना जरूरी है. उनका मानना है कि सिर्फ भाषण देने से काम नहीं चलता, बल्कि लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं समझनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सपनों की दुनिया में रहकर राजनीति नहीं की जा सकती.
अपने बयान में उन्होंने नरेंद्र मोदी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध के बावजूद किसी भी नेता पर व्यक्तिगत आरोप लगाने से पहले ठोस सबूत होने चाहिए. उनका कहना था कि राजनीतिक आलोचना और व्यक्तिगत आरोपों में फर्क होना चाहिए.
पंजाब में चुनाव नजदीक हैं और ऐसे बयान कांग्रेस के लिए चुनौती बढ़ा सकते हैं. आने वाले समय में यह देखना होगा कि पार्टी इन आरोपों पर क्या रुख अपनाती है और क्या अंदरूनी मतभेद सुलझाए जा सकते हैं. फिलहाल, इन बयानों ने राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है.
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