जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की रणनीतिक सोच को नया आयाम दिया है। इसे उन्होंने भारत की नई सैन्य "लाल रेखा" करार दिया और कहा कि यह ऑपरेशन भारत की सटीक और निर्णायक कार्रवाई की क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने यह बात पुंछ में सैनिकों के साथ बातचीत के दौरान कही।
सिन्हा ने एक्स पर लिखा: "सिर्फ 23 मिनट में भारत ने पाकिस्तानी आतंकवाद के सरगनाओं को घुटनों पर ला दिया। अगर दुश्मन ने फिर से भारत माता की ओर आँख उठाई, तो उसका एक भी ठिकाना सजा से नहीं बचेगा।"
22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमले में एक नेपाली पर्यटक समेत 26 नागरिकों की जान गई थी।इसका जवाब भारत ने 7 मई की सुबह ऑपरेशन सिंदूर के रूप में दिया।
“ऑपरेशन सिंदूर में सेना के जवानों ने अद्वितीय साहस और शौर्य का प्रदर्शन किया।”
“पुंछ में जवानों से बातचीत करते हुए मैंने उस अजेय शक्ति को महसूस किया, जिसने भारत को निर्णायक जीत दिलाई।”
“धर्म की जीत हुई है और अधर्म आपके शौर्य के आगे पराजित हुआ है। देश का हर नागरिक आपके बलिदान को नमन कर रहा है।”
“ऑपरेशन सिंदूर” ने पाकिस्तान को स्पष्ट संकेत दिया है कि अब भारत चुप नहीं बैठेगा।
पाकिस्तान की एक-एक इंच जमीन भारत की सशस्त्र सेनाओं की निगाह में है।
अगर भविष्य में दुश्मन ने कोई दुस्साहस किया, तो उसका अंजाम और भी भयावह होगा।
ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान के भीतर 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया।
जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, और हिजबुल मुजाहिदीन के मुख्यालय और ट्रेनिंग सेंटर लक्ष्य बने।
दुनिया ने भारत की सीमा पार सटीक हमले की क्षमता देखी।
सिन्हा ने गुरुद्वारा नंगली साहिब जाकर मत्था टेका।
इससे पहले उन्होंने श्रीनगर के राजभवन में एकीकृत कमान की बैठक की अध्यक्षता की और सुरक्षा हालात की समीक्षा की।
उन्होंने कहा, “हम जल्द ही दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेंगे, जबकि हमारा पड़ोसी आतंकवाद फैलाने के लिए कर्ज ले रहा है।”
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