आईपीएल में लखनऊ सुपर जायंट्स के मालिक संजीव गोयनका को लेकर अक्सर यह चर्चा होती रही है कि वह टीम की हार के बाद खिलाड़ियों पर नाराजगी दिखाते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ पुराने वीडियो के बाद यह धारणा और मजबूत हुई, जिसमें वह कप्तानों से तीखी बातचीत करते नजर आए थे। हालांकि अब तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने इस पूरे मामले पर खुलकर बात की है और गोयनका का बचाव किया है।
साल 2024 और उसके बाद के कुछ मौकों पर टीम की हार के बाद केएल राहुल और ऋषभ पंत के साथ गोयनका की बातचीत के वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए थे। इन वीडियो को देखकर कई फैंस ने उनके रवैये पर सवाल उठाए और उन्हें लेकर मीम्स भी बनने लगे।हालांकि शमी का मानना है कि इन वीडियो को गलत नजरिए से देखा गया और असल में यह टीम को बेहतर बनाने की कोशिश का हिस्सा था।
एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान मोहम्मद शमी ने कहा कि जब कोई मालिक टीम में इतनी बड़ी रकम निवेश करता है, तो खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करना बिल्कुल सामान्य बात है। उन्होंने कहा, “अगर कोई टीम में पैसा लगाता है, तो वह चाहता है कि टीम अच्छा खेले और जीते। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।” शमी ने यह भी कहा कि गोयनका के साथ उनकी जितनी भी मुलाकात हुई है, हर बार बातचीत तार्किक रही और सिर्फ टीम के प्रदर्शन पर केंद्रित थी।
सोशल मीडिया पर बने मीम्स को लेकर शमी ने साफ कहा कि कई बार चीजों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई छोटी रकम भी निवेश करता है, तो उसे भी चिंता होती है कि उसका पैसा डूब न जाए।
आईपीएल 2026 के पहले मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स को भले ही हार का सामना करना पड़ा, लेकिन मोहम्मद शमी ने शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने पारी की पहली ही गेंद पर केएल राहुल को आउट कर टीम को बेहतरीन शुरुआत दिलाई। शमी ने अपने 4 ओवर में सिर्फ 28 रन देकर किफायती गेंदबाजी की और विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा। कुल मिलाकर, शमी के बयान से यह साफ हो गया है कि टीम मालिक और खिलाड़ियों के बीच की बातचीत को गलत तरीके से नहीं समझना चाहिए।
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