अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी सरकार बार-बार यह दावा कर रहे हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ सीजफायर ट्रंप की टैरिफ नीतियों की वजह से हुआ। यानी उन्होंने जो टैरिफ लगाए थे, उन्हीं के दबाव में भारत-पाकिस्तान ने युद्ध नहीं किया।
हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी अदालत में यह दावा दोहराया। उनका कहना था कि अगर ट्रंप की टैरिफ लगाने की ताकत को सीमित किया गया, तो भारत और पाकिस्तान के बीच शांति समझौता भी खतरे में पड़ सकता है।
लेकिन अब भारत ने इन सभी दावों को साफ-साफ खारिज कर दिया है। भारत ने कहा है कि सीजफायर का फैसला हमारे और पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों के सीधे संपर्क से हुआ था, अमेरिका या टैरिफ का इससे कोई लेना-देना नहीं है।
भारत ने साफ कर दिया है कि ट्रंप या उनकी टैरिफ नीतियों का सीजफायर से कोई संबंध नहीं है और अमेरिका को इस मुद्दे पर गलत दावे करने से बचना चाहिए।
यह बयान तब आया जब अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने अदालत में कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान को युद्ध से रोकने के लिए उन्हें अमेरिका के साथ व्यापार की पेशकश की थी। लुटनिक ने दावा किया कि ट्रंप के दखल से ही दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ।
इसके अलावा, अमेरिकी कोर्ट ने ट्रंप की व्यापार नीतियों (टैरिफ) को अवैध करार दिया है। अदालत ने उनके लगाए गए कई शुल्कों को रोकने का आदेश दिया है, जैसे कि चीन, कनाडा और मैक्सिको पर लगाए गए शुल्क। अमेरिकी न्याय विभाग ने इस फैसले के खिलाफ अपील दायर कर दी है।
Copyright © 2026 The Samachaar
