बीते कुछ सालों में कई सेलेब्रिटीज और आम लोग अचानक कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest) का शिकार हो चुके हैं. हाल ही में एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला की अचानक मौत ने सभी को चौंका दिया. 42 साल की उम्र में हार्ट फेल होना सिर्फ चौंकाने वाला ही नहीं, बल्कि एक बढ़ती हुई गंभीर समस्या की ओर भी इशारा करता है. आखिर क्यों युवाओं में भी अचानक दिल की बीमारियां बढ़ रही हैं? क्या है कार्डियक अरेस्ट?
एक्सपर्ट के मुताबिक, कार्डियक अरेस्ट तब होता है जब हृदय की धड़कन अचानक रुक जाती है. यह इलेक्ट्रिकल गड़बड़ी या मांसपेशियों की समस्या के कारण हो सकता है. इसमें दिल खून पंप करना बंद कर देता है, जिससे व्यक्ति बेहोश हो सकता है और अगर समय पर इलाज न मिले तो जान भी जा सकती है.
एक्सपर्ट का कहना है कि आज की अनहेल्दी लाइफस्टाइल इसकी सबसे बड़ी वजह है. अधिक वजन, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और फास्ट फूड की आदतें युवाओं में दिल को कमजोर बना रही हैं. इसके अलावा स्ट्रेस और नींद की कमी भी बड़े कारक हैं.
1 सांस लेने में तकलीफ
2 अचानक और असामान्य थकान
3 दिल में घबराहट या बेचैनी
4 सीने में हल्का दर्द या दबाव
5 चक्कर आना या बेहोशी जैसा महसूस होना
अगर ऊपर दिए गए लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत ECG या अन्य कार्डियक टेस्ट करवाएं और किसी विशेषज्ञ से संपर्क करें. नियमित जांच और हेल्दी लाइफस्टाइल कार्डियक अरेस्ट की संभावना को काफी हद तक कम कर सकते हैं.
कम उम्र में कार्डियक अरेस्ट आज एक गंभीर खतरा बन चुका है. सावधानी, जागरूकता और समय रहते इलाज ही इससे बचाव का सबसे असरदार तरीका है. अपने दिल की बात को नजरअंदाज न करें, वरना यह जानलेवा साबित हो सकता है.
(Disclaimer: यह स्टोरी सामान्य जानकारियों पर आधारित है. किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या में विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें.)
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