पश्चिम बंगाल के कोलकाता लॉ कॉलेज में एक कानून की छात्रा के साथ गैंगरेप के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस गंभीर घटना पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दो वरिष्ठ नेता महुआ मोइत्रा और कल्याण बनर्जी के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। इस बहस में आपसी व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप भी शामिल हो गए हैं।
क्या हुआ विवाद?
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने गैंगरेप पर विवादास्पद बयान देते हुए कहा, "अगर एक दोस्त अपने दोस्त का रेप कर दे तो क्या किया जा सकता है? क्या स्कूलों में पुलिस तैनात की जाएगी?" उनके इस बयान की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हुई। इसके बाद सांसद महुआ मोइत्रा ने उन्हें "महिला विरोधी मानसिकता" वाला व्यक्ति बताया।
इसके जवाब में कल्याण बनर्जी ने महुआ पर व्यक्तिगत हमला करते हुए कहा कि वे अपने हनीमून से लौटने के बाद उनसे लड़ रही हैं, और उन्होंने एक शादीशुदा परिवार तोड़कर 65 साल के आदमी से शादी की है। उन्होंने महुआ पर दोगलेपन और महिला विरोधी आचरण का आरोप लगाया।
टीएमसी पार्टी ने साफ किया कि कल्याण बनर्जी और मदन मित्रा की टिप्पणियां उनकी निजी राय हैं, और पार्टी का इससे कोई संबंध नहीं है। पार्टी ने इन बयानों की कड़ी निंदा भी की।
महुआ मोइत्रा ने भी टीएमसी के बयान को शेयर करते हुए कहा, "भारत में महिलाओं के प्रति नफरत पार्टी लाइन से परे है।"
उधर, भाजपा ने इस पूरे मामले को लेकर टीएमसी सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग की है और आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा का सीधा संबंध तृणमूल कांग्रेस से है। हालांकि, टीएमसी ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है।
बंगाल पुलिस ने अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन आरोपी गैंगरेप में शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने कॉलेज से सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत भी जुटाए हैं, जो पीड़िता के बयान की पुष्टि करते हैं।
इस घटना ने राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही स्तरों पर चिंता बढ़ा दी है, खासकर तब जब पश्चिम बंगाल में कुछ महीनों बाद चुनाव होने हैं।
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