Covid-19: भारत में एक बार फिर से कोरोना वायरस के मामलों में धीरे-धीरे इजाफा देखा जा रहा है, खासकर दक्षिण भारत के राज्यों में. इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि अभी अधिकतर मामलों में लक्षण बेहद मामूली हैं और मरीजों को होम आइसोलेशन में ही ठीक किया जा रहा है.
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में नए संक्रमण सामने आ रहे हैं. केरल में इस महीने अब तक 270 से ज्यादा एक्टिव केस दर्ज किए गए हैं, जो देश में सबसे ज्यादा हैं. वहीं, दिल्ली में 23, आंध्र प्रदेश में 4, तेलंगाना में 1 और बेंगलुरु में एक 9 महीने के बच्चे में संक्रमण की पुष्टि हुई है.
INSACOG (इंडियन सार्स-कोव-2 जिनोमिक्स कंसोर्टियम) ने भारत में दो नए कोरोना वेरिएंट NB.1.8.1 और LF.7 की पहचान की है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने इन्हें "वेरिएंट्स अंडर मॉनिटरिंग" की श्रेणी में रखा है, क्योंकि इनमें ट्रांसमिशन की क्षमता बढ़ी हुई पाई गई है. हालांकि, अभी तक इन वेरिएंट्स के ज्यादा गंभीर लक्षण देने के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं.
हालांकि नए वेरिएंट्स सामने आए हैं, लेकिन भारत में फिलहाल JN.1 वेरिएंट ही सबसे प्रमुख बना हुआ है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता जरूर जरूरी है.
महाराष्ट्र के ठाणे में हाल ही में एक 21 वर्षीय डायबिटिक युवक की मौत कोविड संक्रमण से हुई है. फिलहाल राज्य में 18 एक्टिव केस हैं, जिनमें से 8 नए केस शनिवार, 24 मई को सामने आए.
हालांकि संक्रमण का स्तर अभी नियंत्रण में है, लेकिन बढ़ते मामलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. केंद्र सरकार ने स्थिति की समीक्षा शुरू कर दी है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है. खासतौर पर बुजुर्ग, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
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