Rajpal Yadav: बॉलीवुड के फेमस एक्टर और कॉमेडियन राजपाल यादव इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं. चेक बाउंस मामले में वह इस समय तिहाड़ जेल में बंद हैं. 4 फरवरी को उन्होंने जेल में सरेंडर किया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरेंडर के वक्त राजपाल यादव काफी परेशान दिखे और उन्होंने कहा कि उनके पास न पैसा है और न ही साथ देने वाले दोस्त. इस बीच फिल्म इंडस्ट्री से कुछ कलाकार उनके समर्थन में सामने आए हैं.
राजपाल यादव के समर्थन में सबसे पहले सोनू सूद आगे आए. उन्होंने न सिर्फ राजपाल को फिल्म ऑफर की, बल्कि पूरी इंडस्ट्री से उनके साथ खड़े होने की अपील भी की. अब टीवी और ओटीटी एक्टर गुरमीत चौधरी ने भी सोनू सूद के साथ मिलकर राजपाल यादव की मदद का हाथ बढ़ाया है.
गुरमीत चौधरी ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट शेयर की. उन्होंने लिखा कि एक सीनियर और बेहद प्रतिभाशाली कलाकार को इस तरह के दर्दनाक दौर से गुजरते देखना दिल तोड़ने वाला हैय राजपाल यादव ने सालों तक लोगों को हंसाया और आज उन्हें हमारी जरूरत है. उन्होंने आगे कहा कि एक कलाकार और इंसान होने के नाते वह हर संभव मदद करने के लिए आगे आ रहे हैं और फिल्म इंडस्ट्री से अपील की कि सब मिलकर किसी समाधान तक पहुंचें. गुरमीत ने इंडस्ट्री को एक परिवार बताया और कहा कि परिवार अपने लोगों को अकेला नहीं छोड़ता.
गुरमीत चौधरी ने यही पोस्ट अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर भी शेयर की. उन्होंने लिखा कि राजपाल यादव ने सालों तक लोगों को हंसाया है और अब हमारी बारी है. उन्होंने सोनू सूद की भी तारीफ करते हुए कहा कि वह हमेशा लोगों को एकजुट करने का काम करते हैं.
राजपाल यादव का यह मामला साल 2010 से जुड़ा है. उस समय उन्होंने फिल्म ‘आता पता लापता’ को निर्देशित किया था. फिल्म बनाने के लिए उन्होंने मुरगली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. तय समय पर रकम न चुकाने के कारण कंपनी ने उनके खिलाफ केस दर्ज कराया. आरोप था कि अभिनेता द्वारा दिए गए चेक बाउंस हो गए.
ये मामला पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट, फिर सेशंस कोर्ट और बाद में हाईकोर्ट तक पहुंचा. साल 2024 में हाईकोर्ट ने शर्तों के साथ गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी और पैसे लौटाने को कहा था. दिसंबर में राजपाल यादव ने किस्तों में भुगतान का वादा किया, लेकिन रकम जमा न होने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें 2 फरवरी को सरेंडर करने का आदेश दिया. इसके बाद उन्होंने 4 फरवरी को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण किया और तब से वो वहीं बंद हैं.
Copyright © 2026 The Samachaar
