Amitabh Bachchan भारतीय सिनेमा के ऐसे कलाकार हैं, जिनकी मेहनत और अनुशासन की मिसाल दी जाती है। कई दशकों से लगातार काम करते हुए उन्होंने यह साबित किया है कि सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि रोज़ की लगन और नियमित मेहनत से मिलती है। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका काम के प्रति जुनून कम नहीं हुआ है, बल्कि पहले से भी ज्यादा मजबूत दिखाई देता है।
अमिताभ बच्चन का मानना है कि रोज काम करना जीवन को संतुलित बनाए रखता है। जब वे किसी दिन काम नहीं करते, तो उन्हें अजीब सा महसूस होता है। उनके अनुसार, एक तय दिनचर्या हमारे जीवन को व्यवस्थित बनाती है, और जब यह दिनचर्या टूटती है तो पूरा दिन बिखरा हुआ सा लगने लगता है।
83 साल की उम्र में भी वे खुद को व्यस्त रखना पसंद करते हैं। उनके लिए काम सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है। वे मानते हैं कि खाली बैठना उनके स्वभाव के खिलाफ है, इसलिए वे हर दिन कुछ न कुछ रचनात्मक करना चाहते हैं।
अमिताभ बच्चन यह सलाह देते हैं कि अगर हम अपने जीवन में नियमितता बनाए रखें, तो मन में शांति और संतुलन बना रहता है। वहीं, अनियमितता और चिंता हमें मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर बना सकती है। इसलिए, जरूरी है कि हम अपने समय का सही उपयोग करें और बेवजह की चिंताओं से दूर रहें।
हाल ही में अमिताभ बच्चन फिल्म Kalki 2898 AD में नजर आए थे, जिसमें उनके किरदार को काफी पसंद किया गया। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता साबित हुई। फिलहाल वे इसके अगले भाग की तैयारी में व्यस्त हैं और अपने काम को लेकर पहले की तरह ही सक्रिय हैं।
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