भारत में नवरात्रि सिर्फ भक्ति और आस्था का पर्व नहीं बल्कि रंगों, उमंग और उत्साह का भी उत्सव है. हर दिन माता दुर्गा के अलग-अलग रूप की पूजा होती है और हर दिन का एक विशेष रंग निर्धारित है. इन रंगों को धारण करना न सिर्फ शुभ माना जाता है बल्कि यह सकारात्मक ऊर्जा और देवी का आशीर्वाद भी आकर्षित करता है. आइए जानते हैं नवरात्रि 2025 के नौ रंग और उनका महत्व.
सफेद शांति, पवित्रता और आध्यात्मिक विकास का प्रतीक है. नवरात्रि की शुरुआत सफेद से होती है ताकि नई ऊर्जा और सुकून का वातावरण बने. सफेद साड़ी या कुर्ता इस दिन आदर्श रहेगा.
लाल रंग शक्ति, साहस और ऊर्जा का प्रतीक है. यह माता की चुनरी का भी रंग है. इस दिन लाल परिधान पहनना आत्मविश्वास और जोश को बढ़ाता है.
यह रंग शांति और राजसी अंदाज का प्रतीक माना जाता है. रॉयल ब्लू पोशाक के साथ सिल्वर ज्वेलरी आपको गरबा नाइट्स में आकर्षक लुक दे सकती है.
पीला रंग खुशी और आशावाद का प्रतीक है. इस दिन पीले कपड़े पहनने से वातावरण में सकारात्मकता फैलती है. सुनहरी कढ़ाई वाली पीली साड़ियां बेहतरीन विकल्प हैं.
हरा रंग प्रकृति और नए आरंभ का प्रतीक है. यह रंग समृद्धि और विकास का संकेत देता है. हरे लहंगे या अनारकली पहनकर इस दिन त्यौहार में ताजगी लाएं.
ग्रे रंग संतुलन और धैर्य का प्रतीक है. यह सादगी में आकर्षण लाता है. ऑक्सिडाइज्ड ज्वेलरी के साथ ग्रे ड्रेस बेहद स्टाइलिश दिखती है.
नारंगी रंग उत्साह और ऊर्जा का प्रतीक है. इस दिन चमकीले बॉर्डर वाली ऑरेंज साड़ियाँ या फ्लोई ड्रेस आपको अलग लुक देंगी.
यह रंग अनोखापन और करुणा का प्रतीक है. गरबा और डांडिया नाइट्स के लिए मिरर वर्क वाले मोरपंखी हरे लहंगे शानदार विकल्प हैं.
गुलाबी रंग प्रेम, आकर्षण और सौहार्द का प्रतीक है. अंतिम दिन गुलाबी पोशाक पहनकर नवरात्रि का समापन और भी खास बनाया जा सकता है.
नवरात्रि के रंग सिर्फ धार्मिक महत्व नहीं रखते, बल्कि ये फैशन ट्रेंड भी बन चुके हैं. अखबारों से लेकर सोशल मीडिया तक रोज़ाना इन रंगों की चर्चा होती है. इन रंगों को पहनना परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम है.
नवरात्रि 2025 सफेद से शुरू होकर गुलाबी पर समाप्त होगी—एक ऐसा चक्र जो पवित्रता से प्रेम तक की यात्रा का प्रतीक है.
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