Amritsar Protest: पंजाब में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर विरोध के स्वर लगातार तेज होते जा रहे हैं। अमृतसर में आज एक बड़ा धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें कई राजनीतिक नेताओं के साथ भारी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध, माफियावाद और रंगदारी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे आम जनता में डर और असुरक्षा का माहौल बनता जा रहा है। लोगों का कहना है कि हालात दिन-ब-दिन खराब होते जा रहे हैं।
इस प्रदर्शन में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए, जिनमें सुनील जाखड़, अश्वनी शर्मा और केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू प्रमुख रहे। सभी नेताओं ने मंच से सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। प्रदर्शन हॉल गेट के बाहर किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
यह धरना हाल के कई संवेदनशील मामलों को लेकर आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने डीएम गगनदीप सिंह रंधावा से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना है कि सच्चाई सामने लाने के लिए पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है। इसके अलावा, होशियारपुर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के साथ हुई बेअदबी की घटना पर भी नाराजगी जताई गई। इस घटना को सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा बताया गया। साथ ही चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय पर हुए हमले के विरोध में भी आवाज उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि राज्य में माफिया गतिविधियां और रंगदारी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे आम लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार इन अपराधों पर नियंत्रण पाने में नाकाम साबित हो रही है। धरने के दौरान वक्ताओं ने यह भी कहा कि अगर समय रहते हालात नहीं सुधरे, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने सरकार से मांग की कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। साथ ही, प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और आम जनता को सुरक्षा का भरोसा दिलाने की भी मांग की गई।
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