पंजाब की राजनीति में एक बार फिर नशे का मुद्दा सुर्खियों में आ गया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार का ‘नशे के खिलाफ युद्ध’ अभियान सिर्फ दिखावा बनकर रह गया है और जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
अश्वनी शर्मा ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि AAP द्वारा चलाया जा रहा अभियान केवल प्रचार का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में अमृतसर में AAP से जुड़े एक सरपंच की गिरफ्तारी, जो कथित तौर पर 4 किलो हेरोइन के साथ पकड़ा गया, इस अभियान की सच्चाई को उजागर करती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ दिन पहले एक अन्य मामले में 17 किलो हेरोइन के साथ एक और सरपंच को गिरफ्तार किया गया था।
इन घटनाओं को आधार बनाकर उन्होंने सवाल उठाया कि जब खुद सत्ताधारी दल से जुड़े लोग ऐसे मामलों में सामने आ रहे हैं, तो नशे के खिलाफ अभियान कितना प्रभावी हो सकता है।
बीजेपी नेता ने पंजाब सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन मामलों में सख्त कार्रवाई की उम्मीद कम ही है। उन्होंने दावा किया कि आरोपियों के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई, जैसे संपत्ति पर बुलडोजर चलाना, नहीं की जाएगी। अश्वनी शर्मा ने आरोपों को और गंभीर बनाते हुए कहा कि इस तरह के अवैध कारोबार से जुड़ी कमाई का हिस्सा कथित तौर पर सत्ता के शीर्ष तक पहुंचता है। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री और दिल्ली में बैठे AAP नेतृत्व पर भी अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा।
इस पूरे मुद्दे को उठाते हुए बीजेपी नेता ने पंजाब के युवाओं के भविष्य पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नशे का बढ़ता प्रभाव राज्य के लिए एक गंभीर समस्या है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में हालात और बिगड़ सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इन आरोपों के बाद पंजाब की राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। नशे जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है।
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