विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने विदेश से पढ़ाई पूरी कर पंजाब में आगे की शिक्षा लेने वाले छात्रों के लिए नियमों में अहम बदलाव किया है। अब बोर्ड ने ‘समकक्षता प्रमाण पत्र’ (Equivalence Certificate) जारी करने की प्रक्रिया को पूरी तरह समाप्त करने का फैसला लिया है। पहले छात्रों को एडमिशन से पहले कई स्तरों की जांच और लंबी कागजी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, जिससे समय और मेहनत दोनों ज्यादा लगते थे।
इस नए फैसले के बाद छात्रों को इन झंझटों से राहत मिलेगी और वे आसानी से अपनी आगे की पढ़ाई के लिए एडमिशन ले सकेंगे। यह कदम शिक्षा प्रक्रिया को सरल, तेज और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
यह नया नियम अप्रैल 2026 से लागू किया जाएगा। इसके बाद छात्रों को पहले की तरह दोहरी जांच और अलग-अलग स्तर पर कागजी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। अब छात्र केवल विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा जारी प्रमाण पत्र के आधार पर सीधे एडमिशन ले सकेंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि प्रक्रिया भी काफी सरल हो जाएगी।
इससे पहले विदेश से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। उन्हें पहले केंद्र स्तर पर मान्यता लेनी पड़ती थी और फिर राज्य स्तर पर अलग से ‘समकक्षता प्रमाण पत्र’ बनवाना पड़ता था। यह पूरी प्रक्रिया समय लेने वाली और कई बार भ्रम पैदा करने वाली होती थी। कई छात्रों का एडमिशन भी इसी कारण देरी से हो पाता था।
इस नए निर्णय से छात्रों को कई तरह के फायदे मिलेंगे:
यह बदलाव खासतौर पर उन छात्रों के लिए फायदेमंद है, जो विदेश से पढ़ाई कर भारत लौटते हैं।
बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह के अनुसार, यह फैसला फरवरी 2026 की बैठक में लिया गया था। उन्होंने बताया कि पहले छात्रों को एक ही काम के लिए कई स्तरों से गुजरना पड़ता था, जिससे समय और ऊर्जा दोनों खर्च होते थे। अब डबल वेरिफिकेशन खत्म होने से एडमिशन प्रक्रिया ज्यादा सरल और पारदर्शी हो जाएगी।
कुल मिलाकर, यह फैसला छात्रों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। इससे न सिर्फ एडमिशन की प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि छात्रों का ध्यान अब पढ़ाई पर ज्यादा केंद्रित रह सकेगा।
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