चंडीगढ़ पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बीटेक छात्र को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर शहर में ड्रग्स सप्लाई करने का आरोप है। यह मामला इसलिए भी ज्यादा चर्चा में आ गया है, क्योंकि आरोपी के माता-पिता दोनों ही ITBP (इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस) में वरिष्ठ अधिकारी हैं।
पुलिस ने गिरफ्तार युवक की पहचान अभिषेक चंदेल के रूप में की है। वह पंजाब के जीरकपुर स्थित बट्टलाना इलाके का रहने वाला है। पुलिस ने उसके पास से 10.1 ग्राम ‘आइस’ (मेथामफेटामाइन) बरामद की है, जो एक बेहद खतरनाक और महंगी सिंथेटिक ड्रग मानी जाती है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act) के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, ANTF को पहले से ही सूचना मिली थी कि एक युवक शहर में नशा सप्लाई करने आने वाला है। इसी इनपुट के आधार पर पुलिस टीमों ने सेक्टर-28 और आसपास के इलाकों में नाकेबंदी कर दी।
जब पुलिस ने एक हुंडई i20 कार को रोकने का इशारा किया, तो चालक ने कार भगाने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस और आरोपी के बीच थोड़ी देर तक पीछा हुआ, लेकिन आखिरकार पुलिस ने गाड़ी को घेरकर रोक लिया।
गाड़ी रुकवाने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके पास से नशीला पदार्थ बरामद हुआ। बाद में जब इसे तौला गया, तो इसकी मात्रा 10.1 ग्राम आइस पाई गई। इसके तुरंत बाद आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस पूछताछ के दौरान अभिषेक चंदेल ने बताया कि वह BTech ग्रेजुएट है और ऑनलाइन काम करता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने स्वीकार किया है कि महंगे शौक, बढ़ते खर्च और हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल के कारण वह नशा तस्करी की ओर चला गया।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी कितने समय से ड्रग्स सप्लाई कर रहा था और पहले कितनी बार ऐसी डिलीवरी कर चुका है।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात आरोपी का पारिवारिक बैकग्राउंड है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के पिता ITBP में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात हैं और वर्तमान में असम में पोस्टेड हैं। वहीं उसकी मां ITBP में सुपरिंटेंडेंट के पद पर कार्यरत हैं और नोएडा में तैनात हैं। इस वजह से यह मामला पुलिस और प्रशासनिक हलकों में भी खासा चर्चा का विषय बन गया है।
ANTF अब इस मामले को सिर्फ एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रखना चाहती। पुलिस ने ड्रग्स के सोर्स और इसके पीछे काम कर रहे पूरे नेटवर्क को पकड़ने के लिए जांच तेज कर दी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नशा कहां से लाया गया था, किसे सप्लाई किया जाना था और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
चंडीगढ़ पुलिस का कहना है कि शहर में नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। चाहे आरोपी किसी भी परिवार या पद से जुड़ा हो, कानून सबके लिए एक समान है। पुलिस ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके।
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