मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब दुनिया के कई देशों में दिखाई देने लगा है। इसी वजह से भारत में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। कई जगहों पर यह आशंका जताई जा रही है कि कहीं पेट्रोल की सप्लाई प्रभावित न हो जाए या कीमतों में अचानक बढ़ोतरी न हो जाए। हालांकि सरकारी सूत्रों का कहना है कि फिलहाल ऐसी किसी स्थिति की संभावना नहीं है। देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और सप्लाई भी सामान्य तरीके से जारी है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक भारत में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त रिजर्व मौजूद है। तेल कंपनियों ने सप्लाई को बनाए रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए हुए हैं। इसलिए मौजूदा हालात में लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर तुरंत घरेलू बाजार पर नहीं पड़ता।
पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन पठानकोट की ओर से इस मामले में लोगों को भरोसा दिलाया गया है। उन्होंने बताया इंडियन ऑयल के पास डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उनके मुताबिक फिलहाल केवल एलपीजी गैस के दामों में कुछ बढ़ोतरी देखने को मिली है, लेकिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अभी कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पठानकोट और पंजाब के अन्य हिस्सों में ईंधन की सप्लाई नियमित रूप से हो रही है।
डीलर एसोसिएशन की ओर से लोगों से यह भी अपील की गई है कि वे ईंधन को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें। कई बार सोशल मीडिया या स्थानीय स्तर पर ऐसी खबरें फैल जाती हैं कि पेट्रोल या डीजल खत्म होने वाला है, जिससे लोग घबराकर ज्यादा मात्रा में ईंधन खरीदने लगते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी अफवाहों से बाजार में अनावश्यक दबाव बन सकता है, जबकि वास्तविकता में सप्लाई सामान्य रहती है।
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