पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को अमृतसर में अग्गरवाल सभा द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जनता से अपील की कि वे नशा और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को जनांदोलन में बदलें. साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने इन दोनों सामाजिक बुराइयों के खिलाफ निर्णायक जंग छेड़ दी है, लेकिन इसे सफल तभी बनाया जा सकता है जब जनता को एक्टिव रहने की जरूरत है. उन्होंने कहा, यह लड़ाई हमारी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की है. इसे सिर्फ सरकार नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को मिलकर लड़ना होगा.
मुख्यमंत्री ने बताया कि 'युद्ध नशे दे विरुद्ध' नाम से शुरू किए गए अभियान के तहत अब तक कई बड़े ड्रग माफियाओं को गिरफ्तार किया गया है, नशे की सप्लाई लाइन तोड़ी गई है, और उनके अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से कानून के तहत हो रही है और तब तक जारी रहेगी जब तक नशे का कारोबार पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता.
जनता का भरोसा, जवाबदेही की सरकार
भगवंत मान ने कहा कि जनता ने आम आदमी पार्टी को ऐतिहासिक जनादेश दिया है और अब सरकार की बारी है कि वो लोगों की उम्मीदों पर खरी उतरे. उन्होंने कहा कि 'हमने 54,000 से ज्यादा नौजवानों को मेरिट के आधार पर रोजगार दिया है, बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार पारदर्शिता और जनहित के रास्ते पर अडिग है.
दिल्ली बैठक में उठाए पंजाब के मुद्दे
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने शनिवार को नई दिल्ली में नीति आयोग की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष पंजाब से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। इनमें यमुना-सतलुज लिंक (YSL), भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) की मनमानी और चंडीगढ़ पर पंजाब के अधिकार जैसे मसले शामिल थे.
मान ने कहा कि कुछ ताकतें राज्य में सामाजिक वैमनस्य फैलाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन पंजाब की मिट्टी इतनी उपजाऊ है कि नफरत का कोई बीज यहां पनप नहीं सकता अरविंद केजरीवाल बोले- नशा माफिया को सरकार के वाहनों में चलाया जाता था. कार्यक्रम के दौरान आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी पूर्व सरकारों पर बड़ा हमला बोला, उन्होंने कहा कि 'पिछली सरकारें न सिर्फ नशा माफिया की संरक्षक थीं, बल्कि खुद उनके साथ कारोबार में शामिल थीं.
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