केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के एक बयान ने पंजाब की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी को लेकर दिए गए बयान के बाद बिट्टू कांग्रेस नेताओं के निशाने पर आ गए हैं। उनके बयान पर न सिर्फ कांग्रेस पार्टी, बल्कि उनके पुराने करीबी साथी भी नाराज़ नजर आ रहे हैं।
रवनीत सिंह बिट्टू के कभी बेहद करीबी दोस्त माने जाने वाले पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु ने भी इस मुद्दे पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने राहुल गांधी को “देश का दुश्मन” कहे जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है। आशु ने बिट्टू की टिप्पणी को दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण और बेहद गैर-जिम्मेदाराना बताया।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति को बोलने से पहले सोच-समझकर शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए। आशु ने बिट्टू को सलाह दी कि वे ऐसी बयानबाज़ी करने से पहले आत्ममंथन करें।
भारत भूषण आशु ने कहा कि यह बेहद चौंकाने वाली बात है कि जिस व्यक्ति का पूरा राजनीतिक करियर कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार के भरोसे खड़ा हुआ, वही आज राहुल गांधी के खिलाफ इस तरह की भाषा इस्तेमाल कर रहा है।
आशु ने याद दिलाया कि कांग्रेस और गांधी परिवार के समर्थन से ही बिट्टू तीन बार सांसद बने। उन्होंने कहा कि जब बिट्टू ने कांग्रेस छोड़ी, तो उसके बाद वह चुनाव भी नहीं जीत पाए। ऐसे में जिन लोगों ने उन्हें आगे बढ़ाया, उन्हीं को दुश्मन कहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
पूर्व मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि आज अगर बिट्टू भाजपा के “पोस्टर बॉय” बन गए हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि वे अपने राजनीतिक जीवन में मदद करने वालों को भूल जाएं। आशु ने कहा कि राजनीतिक सुविधा के लिए पुराने रिश्तों और मूल्यों को गाली देना ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा कि बिट्टू दिल से जानते हैं कि गांधी परिवार ने उन्हें कितने मौके दिए और राजनीतिक रूप से तैयार किया।
भारत भूषण आशु ने आरोप लगाया कि सत्ता की लालसा में बिट्टू ने कांग्रेस पार्टी और उसके नेतृत्व से विश्वासघात करने का रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक मतभेद नहीं, बल्कि विचारधारा और मूल्यों से जुड़ा मामला है।
आशु ने कहा कि सबसे ज्यादा पीड़ा इस बात की है कि ऐसे शब्द उस व्यक्ति की ओर से आ रहे हैं, जिनके दादा दिवंगत बेअंत सिंह ने भाजपा की विचारधारा के खिलाफ मजबूती से खड़े होकर पंजाब और देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने कहा कि बेअंत सिंह की विरासत का दावा करने वाला व्यक्ति आज उन्हीं मूल्यों से मुंह मोड़ चुका है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि गांधी परिवार ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है, जो भारत के इतिहास का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पर उंगली उठाने से पहले बिट्टू को यह याद रखना चाहिए कि बेअंत सिंह और गांधी परिवार ने एक ही उद्देश्य के लिए संघर्ष किया था।
भारत भूषण आशु ने कहा कि इस तरह के व्यक्तिगत हमले और गैर-जिम्मेदार बयान सार्वजनिक जीवन की गरिमा को गिराते हैं। ऐसे बयान सच्चाई नहीं, बल्कि राजनीतिक हताशा को दर्शाते हैं।
इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि बिट्टू और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग और तेज होने वाली है, जिसका असर आने वाले राजनीतिक माहौल पर भी देखने को मिल सकता है।
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