दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने शनिवार को राजधानी के ग्रामीण इलाकों में पिछली सरकारों की उदासीनता पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 1998 में भाजपा सरकार के बाद सत्ता में आई सरकारों ने गांवों के विकास की अनदेखी की, जबकि 1993 से 1998 तक भाजपा शासन में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए खास काम किए गए थे।
प्रवेश वर्मा ने पत्रकारों से कहा, "भाजपा के कार्यकाल में ग्रामीण इलाकों के लिए ठोस काम हुआ, लेकिन इसके बाद की सरकारों ने इन इलाकों की पूरी तरह उपेक्षा की।"
उन्होंने बताया कि मौजूदा सरकार अब इन इलाकों पर गंभीरता से काम कर रही है। "हमने ग्रामीण चौपालों, सामुदायिक केंद्रों और गलियों के निर्माण और सुधार का कार्य शुरू कर दिया है। हमारी प्राथमिकता है कि जैसे नई दिल्ली में विकास होता है, वैसे ही ग्रामीण दिल्ली को भी वही सुविधाएं मिलें।"
बता दें कि इससे पहले वर्मा ने दौलतपुर गांव का दौरा किया, जहां कुछ किसान अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। उन्होंने किसानों की बात सुनी और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर वर्मा ने लिखा, "दौलतपुर गांव में किसानों की भूख हड़ताल समाप्त कराई और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को हर संभव तरीके से पूरा किया जाएगा। हमारी सरकार जल्द ही मास्टर प्लान 2041 लागू करने जा रही है, जिससे दिल्ली के 40 गांव शहरी क्षेत्र में बदलेंगे। लाल डोरा की पहली रजिस्ट्री भी पूरी तरह मुफ्त होगी।"
वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग स्थित सिंगलपुर गांव में एक नई पानी की पाइपलाइन का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा, "हम अब तक पिछली सरकारों के अधूरे कामों और देनदारियों को निपटा रहे हैं। लेकिन हमारी सरकार का मकसद है कि लोगों के हित में कोई काम रुके नहीं।" उन्होंने प्रशासन में पारदर्शिता और ईमानदारी को प्राथमिकता देने की बात दोहराई और भरोसा दिलाया कि विकास कार्य पूरी निष्ठा के साथ पूरे किए जाएंगे।
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