Logo

गिल, राहुल या सरफराज! कोहली के बाद कौन संभालेगा नंबर- 4 का भार?

इंग्लैंड दौरे से पहले भारत को रोहित शर्मा और विराट कोहली के अचानक संन्यास लेने से दो बड़े झटके लगे हैं. 20 जून से हेडिंग्ले में शुरू होने वाली पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के साथ ही 2025–2027 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र की शुरुआत भी होगी

👤 Sagar 14 May 2025 01:35 PM

इंग्लैंड दौरे से पहले भारत को रोहित शर्मा और विराट कोहली के अचानक संन्यास लेने से दो बड़े झटके लगे हैं. 20 जून से हेडिंग्ले में शुरू होने वाली पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के साथ ही 2025–2027 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र की शुरुआत भी होगी, ऐसे में भारतीय स्क्वॉड के ऐलान पर सबकी नजरें रहेंगी. टेस्ट कप्तानी की दौड़ में शुभमन गिल सबसे आगे हैं, लेकिन उन्होंने अब तक भारत की टेस्ट या वनडे टीम की कप्तानी नहीं की है. ऐसे में जसप्रीत बुमराह भी कप्तान बनने के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो टेस्ट मैचों में टीम की अगुवाई की थी.

भारतीय टेस्ट क्रिकेट में नंबर-4 सिर्फ एक पोजिशन नहीं, बल्कि एक विरासत है. एक तरफ सचिन तेंदुलकर और फिर विराट कोहली जैसे दिग्गजों ने इस स्थान को क्रिकेट की एक पवित्र गद्दी जैसा बना दिया. अब जब कोहली धीरे-धीरे इस मंच से विदा ले रहे हैं, तो सवाल उठता है-उनकी जगह कौन लेगा?

शुभमन गिल - अगला स्वाभाविक उत्तराधिकारी

गिल को आधुनिक भारतीय क्रिकेट का पोस्टर बॉय कहा जा रहा है. तकनीकी तौर पर मजबूत, शांत स्वभाव वाले और विज्ञापन होर्डिंग्स पर चमकते गिल नंबर-4 के लिए एकदम फिट लगते हैं. लेकिन यहां दिक्कत यह है कि वह फिलहाल नंबर-3 पर अपनी लय पकड़ चुके हैं, और वहां से उन्हें हटाना मैनेजमेंट के लिए नई सिरदर्दी बन सकता है.

केएल राहुल – अनुभव और लचीलापन

राहुल ने भारत के लिए टॉप-6 में लगभग हर पोजीशन पर बैटिंग की है. इंग्लैंड में उनकी ओपनिंग सफल रही है, लेकिन अगर टीम को स्थिरता चाहिए, तो उन्हें नंबर-4 पर आज़माना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है. हालांकि, रोहित शर्मा की अनुपस्थिति में राहुल को फिर से ओपनिंग करनी पड़ सकती है.

करुण नायर - अनदेखा लेकिन सक्षम

2016 में ट्रिपल सेंचुरी लगाने वाले नायर अब दोबारा घरेलू क्रिकेट में फॉर्म में हैं. इंग्लैंड में उनका काउंटी अनुभव और हालिया

प्रदर्शन उन्हें एक "डार्क हॉर्स" बनाता है. सरफराज ने घरेलू क्रिकेट से टेस्ट क्रिकेट में ठीक-ठाक एंट्री ली है. नंबर-4 पर ही उन्होंने अपनी टेस्ट बेस्ट पारी (150 रन) खेली है. लेकिन विदेशी दौरों में टीम मैनेजमेंट का उन पर भरोसा कम दिखाई देता है.