नई दिल्ली : बदलती लाइफस्टाइल और टेक्नोलॉजी की चकाचौंध में बच्चों का बचपन भी तेजी से बदल रहा है. जहां पहले दिनचर्या सांपल और बैलेंस होती थी, वहीं अब छोटे बच्चों तक को ऐसी चीजों का सामना करना पड़ रहा है जो उनके शारीरिक और मानसिक विकास को प्रभावित कर रही हैं. खासकर, बच्चों की नींद – जो उनके ग्रोथ और ब्रेन डेवलपमेंट के लिए सबसे जरूरी है – आजकल सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है. कई बार माता-पिता अनजाने में कुछ ऐसी आदतें बना देते हैं जो बच्चों की नींद को खराब कर देती हैं.
आइए जानते हैं, वो तीन आम लेकिन हानिकारक चीजें जो बच्चों को रात में सुलाने से पहले देने से बचना चाहिए:
रात में चॉकलेट, मिठाई या शुगर से भरे स्नैक्स बच्चों को शांत करने के बजाय उन्हें और ज्यादा एक्टिव कर देते हैं. शुगर बच्चों की एनर्जी लेवल को तुरंत बढ़ाता है, जिससे उनके सोने का समय डिस्टर्ब होता है. नींद पूरी न होने से बच्चा अगले दिन थका-थका, चिड़चिड़ा और अनफोकस्ड महसूस करता है. इतना ही नहीं, देर रात शुगर का सेवन उनके पाचन और इम्यून सिस्टम पर भी असर डाल सकता है.
सोने से पहले स्क्रीन देखना बच्चों के दिमाग को शांत करने की बजाय उसे और ज्यादा उत्तेजित कर देता है. स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट मेलाटोनिन हॉर्मोन के स्राव को रोकती है, जो नींद लाने के लिए जरूरी होता है. नतीजा – बच्चा देर से सोता है, बीच-बीच में जागता है और सुबह फ्रेश महसूस नहीं करता.
बहुत से पेरेंट्स सोचते हैं कि थोड़ी सी चाय या सॉफ्ट ड्रिंक से कुछ नहीं होता, लेकिन बच्चों के लिए कैफीन बहुत हानिकारक हो सकता है. ये उनके नर्वस सिस्टम को हाइपर बना देता है और नींद को बुरी तरह प्रभावित करता है. कैफीन के कारण नींद आने में देरी हो सकती है या नींद बार-बार टूट सकती है, जिससे बच्चा पूरी तरह से रेस्टेड महसूस नहीं करता.
बच्चों को सुलाने से पहले उन्हें हल्का और पोषक आहार दें – जैसे गर्म दूध, दाल-चावल, या हल्की सब्जी-रोटी. सोने से पहले की दिनचर्या में कहानी सुनाना या हेड मसाज जैसी शांत चीजें शामिल करें. ये आदतें न सिर्फ उनकी नींद बेहतर बनाएंगी, बल्कि उन्हें इमोशनली भी सिक्योर महसूस कराएंगी.
याद रखें – अच्छी नींद, अच्छे बचपन की नींव है. बच्चों की नींद को प्राथमिकता दें, क्योंकि यही उनके उज्ज्वल भविष्य की पहली सीढ़ी है.
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