अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और ईरान के बीच हुए युद्धविराम समझौते के उल्लंघन पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने युद्ध रोकने के समझौते का पालन नहीं किया और गुस्से में उन्होंने 'F' शब्द (गाली) का इस्तेमाल भी किया।
ट्रंप ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि इन दोनों देशों को अब खुद भी पता है कि वे क्या कर रहे हैं। वे इतने सालों से लड़ रहे हैं कि सब भूल चुके हैं।”
एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को फोन करके ईरान पर हमला न करने को कहा। लेकिन नेतन्याहू ने जवाब दिया कि ईरान ने युद्धविराम तोड़ा है, इसलिए जवाबी हमला जरूरी है।
बाद में ट्रंप ने कहा कि इजरायल हमला नहीं करेगा और सभी फाइटर जेट वापस बुला लिए जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी को नुकसान नहीं होगा और युद्धविराम अब भी जारी रहेगा।
ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त रुख दिखाया और कहा कि ईरान अपनी परमाणु सुविधाएं दोबारा नहीं बना पाएगा।
इससे पहले ट्रंप ने इजरायल को चेतावनी दी थी कि वह ईरान पर बमबारी न करे, क्योंकि ऐसा करना युद्धविराम का बड़ा उल्लंघन होगा। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "इज़राइल, बम मत गिराओ। यह बड़ा उल्लंघन होगा। अपने पायलटों को तुरंत घर लाओ!"
उन्होंने कहा कि दोनों देश समझौते का उल्लंघन कर रहे हैं, लेकिन फिर भी शांति बनाए रखने की कोशिश जारी रहेगी। यह बयान उन्होंने नाटो सम्मेलन के लिए हेग रवाना होने से पहले व्हाइट हाउस में दिया।
दरअसल, अमेरिका की कोशिशों से इजरायल और ईरान के बीच 12 दिन लंबे युद्ध को रोकने के लिए एक युद्धविराम समझौता हुआ था, जिसमें तय हुआ था कि पहले ईरान युद्ध रोक देगा और 12 घंटे बाद इजरायल भी युद्ध रोक देगा। इससे यह लड़ाई खत्म मानी जाएगी।
हालांकि, ट्रंप के सोशल मीडिया पर शांति समझौते की घोषणा के कुछ घंटों बाद ही दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया, और समझौते के टूटने की खबरें आने लगीं।
ट्रंप ने पोस्ट में कहा कि यह युद्ध सालों तक चल सकता था और पूरा मध्य पूर्व तबाह हो सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अंत में उन्होंने लिखा – "भगवान इजरायल, ईरान, मध्य पूर्व, अमेरिका और पूरी दुनिया को आशीर्वाद दें!"
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