पाकिस्तान एक बार फिर आतंकियों के साथ अपनी नजदीकी को छुपाने की नाकाम कोशिशों में घिर गया है. हाल ही में वायरल हुई तस्वीरों में पाकिस्तानी सेना के बड़े अफसर लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों के जनाजे में शामिल होते दिखे. जब दुनिया भर से सवाल उठे, तो पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता (DG ISPR) ने सफाई दी कि तस्वीरों में दिख रहा व्यक्ति कोई आतंकी नहीं, बल्कि 'एक बेगुनाह पारिवारिक व्यक्ति और उपदेशक' था.
ISPR ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उसका पाकिस्तानी नेशनल ID कार्ड भी दिखाया ताकि उसे केवल एक साधारण कार्यकर्ता बताया जा सके। लेकिन भारत सरकार ने आधिकारिक रिकॉर्ड सामने रखकर इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया.
भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ऑपरेशन सिंदूर पर एक उच्चस्तरीय ब्रीफिंग के दौरान अमेरिकी प्रतिबंधित आतंकी और लश्कर-ए-तैयबा के सीनियर कमांडर हाफिज अब्दुल रऊफ की तस्वीर जारी की. इस तस्वीर में रऊफ भारत की एयरस्ट्राइक में मारे गए आतंकियों के जनाजे की नमाज पढ़ाते दिख रहा है.
मिस्री ने कहा, "पाकिस्तान में आतंकियों को राजकीय सम्मान देना आम बात हो सकती है, लेकिन हमारे लिए यह हैरान करने वाला है. भारत ने उन पाकिस्तानी अफसरों के नाम भी जारी किए जो जनाजे में मौजूद थे.
भारत ने जो लिस्ट जारी की है, उसमें शामिल हैं-
– लेफ्टिनेंट जनरल फैयाज हुसैन शाह (कॉर्प्स कमांडर, लाहौर)
– मेजर जनरल राव इमरान सतराज
– ब्रिगेडियर मोहम्मद फुरकान शब्बीर
– डॉ. उस्मान अनवर (IGP पंजाब)
– मलिक सोहैब अहमद भेर्थ (पंजाब विधानसभा सदस्य)
यह खुलासा ऐसे समय पर हुआ है जब पाकिस्तान 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले से अपना पल्ला झाड़ रहा है. उस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी. लश्कर की शाखा "The Resistance Front (TRF)" ने दो बार इस हमले की जिम्मेदारी ली है, लेकिन पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में TRF को वैश्विक आतंकी घोषित करने का विरोध किया है.
मिस्री ने यह भी स्पष्ट किया कि 7 मई को भारत द्वारा की गई एयरस्ट्राइक केवल आतंकी ठिकानों पर केंद्रित थी, किसी भी नागरिक या सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया. उन्होंने कहा, "जब पाकिस्तान TRF को UNSC में बचाता है और फिर इन्हीं आतंकियों के जनाजे में सेना अफसर भेजता है, तो सच्चाई दुनिया के सामने आ जाती है.
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