अगर आप अक्सर या कभी-कभी स्विगी से खाना मंगवाते हैं, तो आपके लिए यह खबर जरूरी है। कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। इसका मतलब है कि अब हर ऑर्डर पर आपको पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। यह बदलाव यूजर्स के लिए सीधे तौर पर महंगाई का असर लाएगा। याद दिला दें, हाल ही में जोमैटो ने भी अपनी प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाई थी।
पहले स्विगी हर ऑर्डर पर 14.99 रुपए प्लेटफॉर्म फीस लेती थी। अब इसे बढ़ाकर 17.58 रुपए कर दिया गया है। यानी लगभग 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी ने यूजर्स को बताया है कि फीस बढ़ाने का मकसद प्लेटफॉर्म को ऑपरेट करना और इसे बेहतर बनाना है। पिछली बार सितंबर 2025 में भी प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी की गई थी, जब इसे 20% बढ़ाकर 14.99 रुपए किया गया था। इसका मतलब है कि अब आप सिर्फ एक ऑर्डर पर नहीं, बल्कि जितने भी बार स्विगी से खाना ऑर्डर करेंगे, हर बार आपको बढ़ी हुई फीस चुकानी होगी। इससे ग्राहकों की जेब पर थोड़ा ज्यादा दबाव पड़ेगा।
महंगाई और राज्य चुनावों की वजह से कई कंपनियों के लिए प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव है। इसके बावजूद, स्विगी मैनेजमेंट अपने फाइनेंशियल गाइडेंस को पूरा करने पर ध्यान दे रही है। प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाने से कंपनी को ऑपरेशन और मेंटेनेंस के खर्चों को कवर करने में मदद मिलेगी।
हालांकि, यूजर्स के लिए यह बदलाव थोड़ा झटका देने वाला है। कई लोग सोच रहे होंगे कि ऑर्डर करना महंगा हो जाएगा, लेकिन कंपनी का तर्क है कि यह कदम प्लेटफॉर्म को और बेहतर बनाने के लिए जरूरी था।
जोमैटो पहले हर ऑर्डर पर 12.50 रुपए चार्ज करता था। हाल ही में बढ़ोतरी के बाद यह फीस 14.90 रुपए हो गई है। GST जोड़ने के बाद स्विगी और जोमैटो दोनों की प्लेटफॉर्म फीस लगभग समान होकर 17.58 रुपए के करीब हो गई है।
इस बदलाव से यह साफ हो गया है कि फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म धीरे-धीरे अपने ऑपरेशन खर्चों को कवर करने के लिए यूजर्स से ज्यादा चार्ज कर रहे हैं। इसका असर लंबे समय तक ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा।
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