आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि अब बढ़ा दी गई है। आकलन वर्ष 2025-26 के लिए पहले जहां यह तिथि 31 जुलाई, 2025 निर्धारित की गई थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 15 सितंबर, 2025 कर दिया गया है।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने मंगलवार को एक बयान में यह जानकारी दी। बोर्ड ने कहा, "करदाताओं को आसान और सुविधाजनक फाइलिंग अनुभव देने के लिए यह निर्णय लिया गया है।" इसके तहत एक औपचारिक अधिसूचना अलग से जारी की जाएगी।
CBDT के अनुसार, इस विस्तार से करदाताओं को रिटर्न दाखिल करने में अधिक समय मिलेगा, जिससे सटीक और समय पर अनुपालन सुनिश्चित हो सकेगा।
दरअसल, आकलन वर्ष 2025-26 के लिए अधिसूचित ITR फॉर्म में कई संरचनात्मक और सामग्री संबंधी बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों का मकसद फाइलिंग प्रक्रिया को सरल बनाना, पारदर्शिता को बढ़ाना और रिपोर्टिंग को अधिक सटीक बनाना है।
बोर्ड ने यह भी कहा कि नए ITR फॉर्म्स के लिए आवश्यक सिस्टम डेवलपमेंट, इंटीग्रेशन और यूटिलिटी टेस्टिंग में समय लग रहा है। इन्हीं कारणों को देखते हुए अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया गया है।
इसके साथ ही, सरकार ने आयकर अधिनियम 1961 में व्यापक बदलाव की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 13 फरवरी को लोकसभा में एक विधेयक पेश किया, जो आयकर प्रणाली को अधिक स्पष्ट और विवाद-मुक्त बनाने के लिए तैयार किया गया है। इस प्रस्तावित विधेयक पर हितधारकों से सुझाव भी मांगे गए हैं।
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