पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI allegedly भारत की अंडरकवर एजेंसियों की पहचान करने के लिए हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा का इस्तेमाल कर रही थी. फिलहाल वह पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे एनआईए, आईबी और हरियाणा पुलिस की संयुक्त टीम पूछताछ कर रही है.
सूत्रों के मुताबिक, मल्होत्रा और ISI हैंडलर अली हसन के बीच व्हाट्सएप चैट्स सामने आए हैं, जिनमें भारत की अंडरकवर गतिविधियों को लेकर कोडेड बातचीत की गई है. इन संदेशों में एक जगह हसन पूछता है, "जब तुम अटारी बॉर्डर पर थीं, तो किसे प्रोटोकॉल मिला?' इसके जवाब में ज्योति कहती हैं कि उन्हें कुछ भी ऐसा नहीं दिखा. हसन फिर इशारा करता है कि जो व्यक्ति विशेष प्रोटोकॉल पाते हैं, वे अक्सर खुफिया एजेंट हो सकते हैं। इस पर मल्होत्रा जवाब देती हैं – 'वे इतने बेवकूफ नहीं थे.
जांच एजेंसियों को शक है कि ISI ने मल्होत्रा को भारत में खुफिया एजेंट्स की पहचान करने और जानकारी इकट्ठा करने के लिए इस्तेमाल किया. अब यह पता लगाया जा रहा है कि मल्होत्रा इस साजिश में जानबूझकर शामिल थीं या किसी बड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा बन गईं.
ज्योति मल्होत्रा ने 2023 में वैसाखी मेले के दौरान पाकिस्तान का दौरा किया था, जो उनके गतिविधियों की जांच में पहला संदिग्ध बिंदु बना. जांच एजेंसियों को शक है कि वहां उनकी मुलाकात पाकिस्तानी हाई कमीशन के अधिकारी एहसान डार उर्फ दानिश से हुई, जिन्हें भारत ने हाल ही में 13 मई को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित किया और देश छोड़ने को कहा. हालांकि मल्होत्रा ने डार से किसी भी तरह के संपर्क से इनकार किया है, लेकिन जांच में वह लगातार गोलमोल जवाब दे रही हैं और जांच को गुमराह कर रही हैं.
गौरतलब है कि मल्होत्रा ने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें उन्होंने हमले के लिए भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को जिम्मेदार ठहराया था. इस वीडियो के कारण पहले ही वह विवादों में थीं और अब ISI से लिंक के शक ने मामले को और गंभीर बना दिया है.
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