भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि भारत वित्त वर्ष 2025-26 में भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा। इसकी वजह है – देश में खपत (खरीदारी) में बढ़ोतरी, बैंकों और कंपनियों की मजबूत आर्थिक स्थिति और सरकार की विकास के प्रति प्रतिबद्धता।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बुनियादी ढांचे और वित्तीय व्यवस्था के कारण आगे बढ़ रही है। हालाँकि, दुनिया भर में कई चुनौतियाँ भी बनी हुई हैं – जैसे कि आर्थिक अस्थिरता, युद्ध या भू-राजनीतिक तनाव, व्यापार में रुकावट, सप्लाई चेन में दिक्कतें, और जलवायु परिवर्तन की वजह से बढ़ती अनिश्चितताएं। इन सभी कारणों से वैश्विक विकास पर असर पड़ सकता है, लेकिन भारत ने फिर भी अच्छा प्रदर्शन किया है।
RBI का कहना है कि देश की घरेलू मांग (consumption), निर्यात में सुधार, सेवाओं के क्षेत्र में तेज़ी और कृषि उत्पादन में वृद्धि जैसे कारणों से आर्थिक गतिविधियों को बल मिला है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भले ही वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भारत की GDP ग्रोथ रेट 6.5% के करीब रह सकती है, लेकिन फिर भी भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार 30 मई शुक्रवार को 2024-25 की चौथी तिमाही यानी जनवरी से मार्च 2025 तक की GDP के आंकड़े जारी करने जा रही है, जिससे और साफ़ हो जाएगा कि इस साल भारत ने कितनी आर्थिक तरक्की की है।
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