1 मार्च 2026 को ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आई। इस अंतरराष्ट्रीय घटना ने वैश्विक राजनीति के साथ-साथ भारतीय मनोरंजन जगत में भी बहस छेड़ दी। खासकर रियलिटी शो बिग बॉस 19 की रनर-अप रह चुकीं फरहाना भट्ट के बयान के बाद विवाद और गहरा गया।
एक इंटरव्यू में फरहाना भट्ट ने आयातुल्ला खामेनेई के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि वह ऐसी शख्सियत थे जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता और वे हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे। उन्होंने बताया कि इस खबर से वे व्यक्तिगत रूप से बेहद आहत हुईं। उनके मुताबिक, उन्होंने सेहरी के बाद नमाज़ और कुरान पढ़ी और इस घटना से गहरा दुख महसूस किया।
फरहाना ने यह भी कहा कि कई लोगों के लिए खामेनेई एक ‘मसीहा’ जैसे थे और कश्मीर सहित कई जगहों पर लोग इस घटना से दुखी हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया।
फरहाना के बयान पर टीवी एक्ट्रेस हिना खान के पति रॉकी जयसवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके शब्दों को फरहाना के बयान से जोड़कर देखा जा रहा है। रॉकी ने लिखा कि किसी के लिए शोक मनाना निजी मामला हो सकता है, लेकिन जब इसे सार्वजनिक मंच पर लाया जाता है तो आलोचना भी सार्वजनिक ही होगी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कभी भारतीय महान हस्तियों के लिए उतना भावनात्मक सार्वजनिक शोक नहीं देखा, जितना कुछ लोग विदेशी नेताओं के लिए व्यक्त करते हैं।
उनकी पोस्ट में “वफादारी” शब्द पर खास जोर दिया गया, जिससे साफ है कि वे देशभक्ति और प्राथमिकताओं को लेकर सवाल उठा रहे थे।
यह विवाद सामने आने के बाद सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया। कुछ लोग फरहाना के बयान को उनकी व्यक्तिगत राय बता रहे हैं, तो कुछ इसे अनुचित मान रहे हैं। वहीं, रॉकी की पोस्ट को भी कई लोग समर्थन दे रहे हैं, जबकि कुछ इसे अनावश्यक टिप्पणी मान रहे हैं। कुल मिलाकर, एक अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटना ने भारतीय टीवी इंडस्ट्री के दो चर्चित नामों को आमने-सामने ला खड़ा किया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह बयानबाजी आगे और क्या मोड़ लेती है।
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