Ramadan 22 February Iftar Timming: रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना है। ये महीना मुस्लिमों के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि माना जाता है कि इसी दौरान पैगंबर मुहम्मद पर पवित्र कुरान का संदेश अवतरित हुआ था। रमजान केवल उपवास का समय नहीं है, बल्कि ये प्रार्थना, आत्म-नियंत्रण, दान और आध्यात्मिक विकास का अवसर है.
इस महीने में सूर्योदय से सूर्यास्त तक मुस्लिम लोग भोजन और पानी से परहेज करते हैं। ये धैर्य और संयम सिखाता है और लोगों को अपने जीवन में दया, सहानुभूति और परोपकार को बढ़ावा देने की प्रेरणा देता है। रमजान का महीना ईद अल-फित्र के त्योहार के साथ समाप्त होता है, जो पूरे उपवास के बाद खुशियों का प्रतीक है।
उपवास रखने के लिए सही समय जानना बहुत जरूरी है। सहरी या सुहूर वो भोजन है जो फज्र की नमाज से पहले लिया जाता है। ये दिनभर ऊर्जा और ताकत प्रदान करता है। आमतौर पर हल्के और पौष्टिक भोजन जैसे खजूर, फल, दही, अनाज और पर्याप्त पानी का सेवन किया जाता है।
इफ्तार वो समय है जब सूर्यास्त के बाद उपवास खोला जाता है। इफ्तार का भोजन हल्का और ताजगी देने वाला होना चाहिए ताकि शरीर जल्दी स्वस्थ महसूस करे।
रमजान में सहरी और इफ्तार के समय शहरों के अनुसार अलग-अलग होते हैं। नीचे मेन शहरों के समय दिए गए हैं:
दिल्ली: सहरी 05:35 सुबह, इफ्तार 06:17 शाम
मुंबई: सहरी 05:50 सुबह, इफ्तार 06:42 शाम
बैंगलुरु: सहरी 05:28 सुबह, इफ्तार 06:28 शाम
चेन्नई: सहरी 05:18 सुबह, इफ्तार 06:17 शाम
कोलकाता: सहरी 04:49 सुबह, इफ्तार 05:37 शाम
श्रीनगर: सहरी 05:45 सुबह, इफ्तार 06:21 शाम
लखनऊ: सहरी 05:19 सुबह, इफ्तार 06:03 शाम
हैदराबाद: सहरी 05:27 सुबह, इफ्तार 06:21 शाम
पटना: सहरी 05:02 सुबह, इफ्तार 05:48 शाम
रांची: सहरी 05:02 सुबह, इफ्तार 05:50 शाम
अहमदाबाद: सहरी 05:52 सुबह, इफ्तार 06:40 शाम
नागपुर: सहरी 05:21 सुबह, इफ्तार 06:20 शाम
रमजान उपवास सिर्फ भूख और प्यास से परहेज नहीं है। ये आत्म-संयम, धैर्य का समय है। मुस्लिम लोग इस महीने में अधिक प्रार्थना करते हैं, कुरान पढ़ते हैं और जरूरतमंदों की मदद करते हैं। ये महीना इंसान को अपने भीतर सुधार करने और दूसरों के प्रति दया दिखाने का अवसर देता है।
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